गया। जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली चोरी के खिलाफ विभाग ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। कार्यपालक अभियंता ई. बिनोद कुमार के नेतृत्व में चलाए गए विशेष छापेमारी अभियान में 12 लोगों को बिजली चोरी का दोषी पाया गया है। इन सभी के खिलाफ संबंधित थानों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है।
दो औद्योगिक इकाइयों पर गिरी गाज
इस छापेमारी की सबसे बड़ी उपलब्धि दो औद्योगिक परिसरों का भंडाफोड़ करना रही। ये इकाइयां बिना किसी वैध कनेक्शन के सीधे मुख्य लाइन से बड़े पैमाने पर बिजली की खपत कर रही थीं। विभाग ने इसे गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा है, क्योंकि इससे राजस्व को भारी चपत लग रही थी। जांच में कुछ घरों में मीटर बाईपास करने के मामले भी सामने आए।
4.72 लाख रुपये का भारी जुर्माना
- विभाग ने पकड़े गए सभी उपभोक्ताओं पर कुल 4.72 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। जुर्माने की राशि का विवरण इस प्रकार है:
- चन्दौती थाना क्षेत्र: एक अकेले उपभोक्ता पर 2.32 लाख का जुर्माना।
- चाकंद थाना क्षेत्र: अन्य उपभोक्ताओं पर 1.08 लाख और 1.32 लाख के जुर्माने।
लाइन लॉस कम करने की कवायद
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बढ़ते लाइन लॉस को नियंत्रित करना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन फीडरों पर बिजली की खपत और बिलिंग के बीच बड़ा अंतर है, वे अब रडार पर हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है।
अभियंता की अपील: जेल जाने से बचें
ई. बिनोद कुमार ने उपभोक्ताओं को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि बिजली चोरी न केवल आर्थिक दंड, बल्कि जेल की सजा का भी कारण बन सकती है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें और विभाग का सहयोग करें।
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