गया। जिले में एक भीषण सड़क हादसे ने तीन घरों के चिराग बुझा दिए। नवादा के अकबरपुर में एक तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे तीन युवक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर बिजली के पोल से टकरा गई, जिससे तीनों दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई।

​गर्भवती पत्नी और बेसहारा परिवार

​मृतकों में शामिल इंद्र मांझी (23) आठ दिन पहले ही चेन्नई से मजदूरी कर लौटे थे। उनकी पत्नी बबीता 9 महीने की गर्भवती है और घर में तीन छोटे बच्चे हैं। बबीता का रो-रोकर बुरा हाल है, वह बस यही पूछ रही है कि अब ‘पहाड़ जैसी जिंदगी’ किसके सहारे कटेगी। इंद्र की मां कोलकाता में मजदूरी करती हैं, जिनके इंतजार में शव घर के बाहर रखा रहा।

​इकलौते कमाऊ बेटों का जाना

​हादसे में जान गंवाने वाला सोनू कुमार (23) अपने परिवार का इकलौता सहारा था। उसके पिता दिव्यांग हैं और मां लंबे समय से बीमार। वहीं, प्रताप कुमार (23) अपनी छोटी बहन की शादी के लिए पैसे जोड़ रहा था। प्रताप की मौत से बहन का सपना और परिवार की उम्मीदें दोनों टूट गईं।

​एक गलती और उजड़ गए घर

​ग्रामीणों के मुताबिक, तीनों युवक पहले बस में सवार थे, लेकिन बीच रास्ते में उतरकर बाइक पर बैठ गए। 90 की रफ्तार और तीखे मोड़ ने उनकी जान ले ली। जर्जर आर्थिक स्थिति का आलम यह है कि अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को स्थानीय स्तर पर महज 600 रुपये की मदद मिल पाई, जबकि वे सरकारी मुआवजे की राह देख रहे हैं।