गयाजी। जिले में शुक्रवार दोपहर प्रकृति और लापरवाही के मेल ने किसानों पर कहर बरपा दिया। अतरी विधानसभा के सरबहदा थाना क्षेत्र स्थित नैली गांव में भीषण आग लगने से करीब 300 बीघा में खड़ी गेहूं की सुनहरी फसल जलकर राख हो गई। यह घटनास्थल केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के पैतृक आवास से महज 1.5 किलोमीटर की दूरी पर है।

​हवा ने बढ़ाई आग की रफ्तार

​आग दोपहर के वक्त अचानक लगी और तेज पछुआ हवाओं के कारण चंद मिनटों में विकराल हो गई। गांव के करीब 1000 बीघा क्षेत्र में गेहूं लगा था जिसमें से देखते ही देखते 300 बीघा हिस्सा आग की चपेट में आ गया। ग्रामीणों ने बाल्टी पाइप और जार के जरिए आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन लपटों की गति इतनी तेज थी कि सब बेअसर रहा।

​60 लाख का नुकसान, 200 परिवारों पर संकट

​इस तबाही में राहुल कुमार जितेंद्र कुमार और विनीत सिंह समेत करीब 40 किसानों की उम्मीदें जल गईं। अनुमान है कि अब तक 60 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। गांव के लगभग 200 घरों के चूल्हे इसी फसल पर निर्भर थे, जिनके सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

​फायर ब्रिगेड पर देरी का आरोप

​ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भारी रोष है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सूचना देने के दो घंटे बाद दमकल की गाड़ियां पहुंचीं। अगर समय रहते कार्रवाई होती तो नुकसान कम किया जा सकता था। वर्तमान में गया और बोधगया से बुलाई गई 5 गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं।

​जांच और मुआवजे की मांग

​सरबहदा थाना अध्यक्ष निशा ने बताया कि प्राथमिकता आग पर पूर्ण नियंत्रण पाने की है। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं है हालांकि ग्रामीण साजिश या लापरवाही की आशंका जता रहे हैं। प्रभावित किसानों ने सरकार से तत्काल मुआवजे की मांग की है ताकि वे इस आर्थिक सदमे से उबर सकें।