कुंदन कुमार/पटना। राजधानी में IAS संजीव हंस पर रेप का आरोप लगाने वाली एडवोकेट गायत्री देवी अपने बेटे के साथ उनके आवास पर पहुंचीं, जहां मुलाकात न होने पर हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। गायत्री देवी के मुताबिक वे अपने बेटे को पिता से मिलाने आई थीं, पर कर्मचारियों ने बताया कि संजीव हंस घर पर नहीं हैं। इसके बावजूद वह करीब 30 मिनट तक गेट पर खड़ी रहीं, लेकिन दरवाजा नहीं खोला गया।।
डायल–112 पर कॉल
मुलाकात न होने पर गायत्री देवी ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। उन्होंने पुलिस से आवास में एंट्री दिलाने का अनुरोध किया, पर काफी प्रयासों के बाद भी गेट नहीं खुला। इसके बाद पुलिस के कहने पर वह शास्त्रीनगर थाना पहुंचीं, जहां उन्हें बताया गया कि मामला कोर्ट में लंबित है, इसलिए फिलहाल आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता।
बेटा अपने पापा से मिलना चाहता था
गायत्री देवी ने कहा कि उनका बेटा अपने पिता से मिलने की जिद कर रहा था। उसने कहा सबके पापा साथ हैं, मेरे क्यों नहीं? इसलिए वह उसे लेकर पहुंचीं, लेकिन संजीव हंस ने मिलने से इनकार कर दिया और फोन भी ब्लॉक कर रखा है।
आधार कार्ड और पारिवारिक संबंध का दावा
उन्होंने बताया कि बेटे के एडमिशन के समय संजीव हंस ने अपना आधार कार्ड दिया था। साथ ही दावा किया कि वह इलाहाबाद में उनसे मिले थे और पति–पत्नी की तरह दो दिन साथ रहे। वहीं दूसरी ओर, संजीव हंस ED की गिरफ्तारी के 16 महीने बाद बहाल हुए हैं और उन्हें वित्त विभाग में पोस्टिंग मिली है।
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