दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता(Rekha Gupta) ने नव वर्ष के मौके पर राजधानी के विकास के लिए एक नया रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने सरकार के सभी विभागों के प्रमुखों के साथ हुई एक अहम बैठक में साफ किया कि उनकी सरकार दिल्ली को ‘सुविधा-संपन्न और विकसित राजधानी’ बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ठोस और जनोपयोगी योजनाओं को इसी वर्ष जमीन पर उतारा जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को एक विशेष टास्क सौंपते हुए निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों से जुड़ी ऐसी योजनाएं तैयार करें, जिनका सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचे और जिनके परिणाम जल्द दिखाई दें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी अपेक्षा जताई कि विकास कार्यों में समन्वय, पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जाए, ताकि दिल्ली को एक आधुनिक, सुगम और नागरिक-हितैषी राजधानी के रूप में विकसित किया जा सके।

दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, मुख्य सचिव विकास वर्मा सहित दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों के पुरुषार्थ, अनुभव और अब तक की यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा, “मैं समझ सकती हूं कि आप सभी इस ओहदे तक पहुंचने के लिए कितनी मेहनत और संघर्ष करते हुए यहां तक पहुंचे हैं। आप वे लोग हैं जिनके पास न सिर्फ पावर और अथॉरिटी है, बल्कि विजन भी है।” मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने अनुभव और अधिकार का उपयोग जनहित में ठोस बदलाव लाने के लिए करें और दिल्ली को एक बेहतर, आधुनिक और सुविधा-संपन्न राजधानी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

अब ‘आइकॉनिक’ प्रयासों की जरूरत

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को उनकी भूमिका और शक्ति का अहसास कराते हुए कहा कि दुनिया में करोड़ों युवा इन पदों तक पहुंचने का सपना देखते हैं, लेकिन आज वे उस स्थिति में हैं, जहां से वास्तविक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भी देश में किसी बड़े बदलाव या सफल मॉडल की चर्चा होती है चाहे वह दिल्ली मेट्रो हो या इंदौर का स्वच्छता मॉडल उसके पीछे किसी न किसी कर्मठ और दूरदर्शी अधिकारी की मेहनत होती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब दिल्ली को भी ऐसे ही ‘आइकॉनिक’ प्रयासों की जरूरत है, जो देश के लिए मिसाल बन सकें।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शासन की कार्यशैली में बड़े बदलाव का संकेत देते हुए अधिकारियों को सीधी जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि सरकार जन-हितैषी योजनाएं चाहती है, ताकि आम नागरिक सुखी और संतुष्ट हो सकें। इन योजनाओं को कागज से निकालकर जमीन पर उतारने की अहम जिम्मेदारी अधिकारियों पर है, और इसके लिए उन्हें पूरी प्रतिबद्धता और मेहनत के साथ काम करना होगा।

योजनाएं बनाएं, विमर्श करें और अमलीजामा पहनाएं

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वह सभी विभागों के प्रमुखों को स्पष्ट टास्क दे रही हैं कि जनोपयोगी और जनता के हितों से जुड़ी योजनाओं को इसी वर्ष अमल में लाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे ठोस योजनाएं तैयार करें, सरकार के साथ उन पर विचार-विमर्श करें और फिर उन्हें अमलीजामा पहनाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि दिल्ली के पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, परिवहन और महिला एवं बाल विकास सहित लगभग हर विभाग में अभी बहुत काम किया जाना बाकी है।

उन्होंने पिछले दस महीनों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान सरकार ने “गाड़ी का इंजन वॉर्म-अप” कर लिया है और अब रफ्तार पकड़ने का समय आ गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे फाइलों से बाहर निकलकर व्यावहारिक और नवाचारपूर्ण समाधान तलाशें, ताकि दिल्ली का चेहरा बदला जा सके और आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिले।

दिल्ली की नेगेटिव ब्रांडिंग को खत्म करना है

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली की पुरानी और जटिल समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि कूड़े के पहाड़, टूटी सड़कें और ड्रेनेज की बदहाली जैसी चुनौतियां वर्षों की ‘लिगेसी’ हैं, जिन्हें अब और नहीं ढोया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि यदि हम एक और एक ग्यारह बनकर काम करें, तो दिल्ली के लोग हमें वर्षों तक याद रखेंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है दिल्ली की नेगेटिव ब्रांडिंग को खत्म करना और इसे देश का सबसे बेहतर और मॉडल शहर बनाना। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी विभागों को समन्वित, प्रतिबद्ध और नवाचारपूर्ण उपायों के साथ काम करना होगा, ताकि राजधानी के नागरिकों को सुगम, साफ-सुथरी और आधुनिक दिल्ली का अनुभव मिल सके।

समाधान हर अधिकारी के पास होता है

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि समाधान हर अधिकारी के पास होता है, बस उसे लागू करने की इच्छाशक्ति की जरूरत होती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर अच्छे और क्रांतिकारी विचार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि नए साल का संकल्प यही होना चाहिए कि हम व्यवस्थाओं में ऐसा बदलाव करें जिसे सदियां याद रखें। उनका संदेश था कि जब लोग दिल्ली की चर्चा करें, तो वे यहाँ की बेहतरीन सुविधाओं और आधुनिक सेवाओं का उदाहरण दें, न कि समस्याओं और असुविधाओं का। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि हर विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाए और दिल्ली को एक मॉडल, सुविधा-संपन्न राजधानी के रूप में विकसित करने में सक्रिय भूमिका निभाए।

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