अमृतसर। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पंजाबी-फर्स्ट एजुकेशन, रिसर्च एंड गवर्नेस पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत अब पीएच.डी. थीसिस, प्रोजैक्ट रिपोर्ट और शोध कार्यों को अंग्रेजी के साथ-साथ पंजाबी (गुरुमुखी लिपि) में भी जमा करना अनिवार्य होगा।
उपकुलपति प्रो. कर्मजीत सिंह ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि विज्ञान और शोध की जानकारी केवल अंग्रेजी तक सीमित न रहकर आम लोगों, माता-पिता और पंजाबी बोलने वाले छात्रों तक सुलभ होनी चाहिए। यह नीति नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप है, जो मातृभाषा में शिक्षा पर जोर देती है।
इससे पंजाबी को केवल सांस्कृतिक ही नहीं, बल्कि विज्ञान, कानून और व्यापार की भाषा के रूप में भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि शोधकर्ताओं की मदद के लिए विश्वविद्यालय पंजाबी अकादमिक शब्दावली, अनुवाद गाइड और एक विशेष अकादमिक सहायता यूनिट की स्थापना करेगा। यह नीति अगले सैशन से लागू होगी। पहले वर्ष में पीएच. डी. और फंडिड रिसर्च, दूसरे वर्ष में मास्टर्स और तीसरे वर्ष में सभी बड़े प्रोजैक्ट्स पर इसे लागू किया जाएगा।

प्रो. सिंह के अनुसार, यह फैसला ग्रामीण और पहली पीढ़ी के छात्रों के लिए वरदान साबित होगा, जिससे वे अपनी भाषा में शोध को बेहतर तरीके से व्यक्त कर सकेंगे।
- कभी-कभी लिखनेवाले और लिखवानेवाले… अखिलेश यादव का बड़ा बयान, कहा- अक्सर समाज को बांटने वाले इस तरह की साजिश करते है
- गुना में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी: सरियों के नीचे दबकर 3 की दर्दनाक मौत: एक ही गांव के लोग बने शिकार
- CG News : रेलवे स्टेशन पर टिकट चेकिंग अभियान, 372 मामलों में 2 लाख से ज्यादा का वसूला जुर्माना
- MP TOP NEWS TODAY: 2 मार्च को बड़वानी में मोहन कैबिनेट की बैठक, भोजशाला की ASI रिपोर्ट आई सामने, बाघों की कब्रगाह बना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, दूषित पानी से 35 मौतों की जांच के लिए आयोग गठित, एक क्लिक में पढ़ें सभी बड़ी खबरें
- CG Crime News : खुद को क्राइम ब्रांच का अफसर बताकर रिटायर्ड कर्मचारी को लगाया चूना, सोने की चेन और अंगूठी लेकर ठग हुए फरार

