अमृतसर। सचखंड श्री हरिमंदर साहिब की पवित्रता और सिख भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाली हालिया AI-जनित (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) वीडियो और तस्वीरों पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। SGPC के प्रवक्ता और कानूनी विशेषज्ञ एडवोकेट अमरबीर सिंह सयाली ने इसे सिख भावनाओं के साथ एक घिनौना खिलवाड़ करार दिया है।

एडवोकेट सयाली ने चिंता जताते हुए कहा कि जिस AI तकनीक का उपयोग देश की उन्नति और बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए होना चाहिए था, उसे शरारती तत्व धार्मिक नफरत फैलाने के लिए हथियार बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्री हरिमंदर साहिब वह पवित्र स्थान है जिसके दरवाजे हर धर्म के इंसान के लिए खुले हैं और जहां सरबत दा भला (सबका भला) की अरदास होती है। ऐसे स्थान के बारे में आपत्तिजनक वीडियो बनाने वाले लोग मानसिक रूप से बीमार हैं।

SGPC ने अंदेशा जताया है कि इन हरकतों के पीछे कुछ ऐसी देश-विरोधी ताकतें या एजेंसियां हो सकती हैं, जो जानबूझकर धर्मों को बदनाम कर सामाजिक सद्भाव को तोड़ना चाहती हैं। उन्होंने इसे एक गहरी साजिश का हिस्सा बताया है। SGPC का आईटी विंग ऐसी गतिविधियों पर निरंतर नजर रख रहा है। कमेटी ने स्पष्ट किया है कि सिख संस्थाओं और धार्मिक प्रतीकों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।