गोपालगंज। जिले के सिधवलिया प्रखंड स्थित गंगवा गांव में घोघारी नदी पर निर्माणाधीन आरसीसी पुल ढलाई के दौरान ही भरभराकर गिर गया। करीब 29 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण लगभग 2 करोड़ 89 लाख 21 हजार रुपये की लागत से किया जा रहा था। हादसा उस वक्त हुआ जब स्लैब की ढलाई चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक तेज आवाज हुई और पूरा ढांचा ताश के पत्तों की तरह ढह गया। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई मजदूर हताहत नहीं हुआ।

निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए

पुल गिरते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों ने ठेकेदार और संबंधित विभाग पर भ्रष्टाचार व लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सीमेंट-बालू के मिश्रण में मानकों की अनदेखी की गई और निर्धारित मोटाई के बजाय कमजोर सरिया का उपयोग हुआ। सेंटरिंग और सपोर्ट सिस्टम भी वजन सहन नहीं कर सका।

निर्माण कार्य तत्काल रोक दिया गया

घटना के बाद निर्माण कार्य तत्काल रोक दिया गया है। जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि संवेदक बापूधाम कंस्ट्रक्शन, मोतिहारी के बबलू कुमार हैं। निरीक्षण के दौरान जेई, एई और कार्यपालक अभियंता की भूमिका पर सवाल उठे। प्रारंभिक जांच में जमीन के समुचित कॉम्पैक्शन न होने और जंग लगे आयरन बेस के इस्तेमाल की बात सामने आई है। विशेषज्ञों ने भी सेंटरिंग की क्षमता पर सवाल खड़े किए हैं।

उच्चस्तरीय जांच जारी

डीएम ने तीनों अभियंताओं कार्यपालक, सहायक और कनीय अभियंता—के निलंबन की अनुशंसा करते हुए संवेदक को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की पुष्टि की। आरडब्ल्यूडी सचिव को रिपोर्ट भेजी गई है और उच्चस्तरीय जांच जारी है। सीमेंट व लोहे के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। बता दें कि हाल के वर्षों में बिहार में पुल गिरने की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे निगरानी व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।