मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को महायोगी गुरु गोरक्षनाथ की पावन नगरी में धरोहर, कला और संस्कृति को समर्पित भव्य गोरखपुर महोत्सव में शामिल हुए. इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को “गोरखपुर गौरव सम्मान” से अलंकृत कर प्रदर्शनी का अवलोकन किया.
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर महोत्सव अब केवल मनोरंजन का मंच नहीं रहा, बल्कि यह लोक संस्कृति, युवा प्रतिभा, विज्ञान, साहित्य और विकास योजनाओं को एक सूत्र में पिरोने वाला आयोजन बन चुका है. डबल इंजन की सरकार गोरखपुर ही नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश के कायाकल्प के अभियान के साथ आगे बढ़ी है. आज उसके परिणाम हमें जमीनी धरातल पर देखने को मिल रहे हैं.
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योगी न कहा कि महोत्सव के पीछे का उद्देश्य ये है कि हमारे सामाजिक जीवन में, व्यापारिक जीवन में, आर्थिक जीवन में या फिर जीवन के अलग-अलग पक्षों में जहां कहीं भी अच्छा हो रहा है, उन्हें हम एक प्लेटफार्म दे सकें और उनका सम्मान कर सकें. उन्होंने आगे कहा कि आज मुझे प्रसन्नता है कि रामगढ़ताल, जो कभी गोरखपुर में अपराध का केंद्र माना जाता था, आज पर्यटन का एक बेहतरीन केंद्र बन गया है. अब गोरखपुर की कोई उपेक्षा नहीं करता. अब विकास की हर योजना आमजन तक सीधे पहुंचती है.
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