राकेश चतुर्वेदी,भोपाल। मध्यप्रदेश शासन ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल का नाम दूसरे बार फिर बदल दिया है। 2015 में व्यापमं का हिंदी नाम बदलकर किया गया था इंग्लिश में। मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल का नाम किया गया था प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड। अब फिर बदलकर नया नाम कर्मचारी चयन बोर्ड किया गया है। अब यह जीएडी के अधीन आएगा।

बता दें कि कमलनाथ की पूर्ववर्ती सरकार भी नाम बदलना चाहती थी। देशभर में विख्यात हुए व्यापमं फर्जीवाड़े को लेकर वेबसीरीज व्हिसिलब्लोअर भी आ चुकी है। 2013 में बड़े घोटाले के कारण व्यापमं का नाम बदनाम हुआ था। राज्य की स्पेशल टास्क पुलिस फोर्स ने किया था घोटाले का पर्दाफाश।

ऐसे उजागर हुआ था व्यापमं घोटाला
व्यापमं की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पढ़ाई में कमजोर स्टूडेंट्स के बदले फर्जी अभ्यर्थियों ने बैठकर परीक्षा दी थी। जुलाई 2013 में इंदौर पुलिस ने ऐसे 20 फर्जी उम्मीदवारों को पकड़ा था। जांच शुरू हुई तो इसमें कई राजनेता, नौकरशाह समेत बड़े अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई थी। 2015 में व्यापमं घोटाला सीबीएआई को सौंपा गया। घोटाले में सीबीआई ने 154 अलग-अलग केस बनाए थे। करीब 3500 लोगों को दोषी बताया गया था। अब तक 100 से अधिक लोगों को सजा हो चुकी है। व्यापमं से जुड़े चार दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत विभिन्न रिकॉर्ड में दर्ज हैं।

ऐसे अस्तित्व में आया था व्यापमं
1970 में मध्यप्रदेश प्री मेडिकल टेस्ट बोर्ड का गठन हुआ।
1981 में प्री इंजीनियरिंग बोर्ड का गठन हुआ।
1982 में दोनों बोड्र्स का विलय हुआ और इसे व्यवसायिक परीक्षा मंडल यानी व्यापमं नाम दिया गया था।

बड़ी खबरः कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता को हाई कोर्ट से लगा झटका, सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर कोर्ट ने खारिज की याचिका

Read more- Health Ministry Deploys an Expert Team to Kerala to Take Stock of Zika Virus