शासकीय कर्मचारियों-अधिकारियों ने सरकारी आदेश की कापियों को फूंक किया विरोध-प्रदर्शन, जानिए सरकार से क्या हैं उनकी तीन मांगें…

सत्यपाल सिंह राजपूत, रायपुर। शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ बूढ़ा तालाब धरना स्थल पर विरोध-प्रदर्शन किया. इस दौरान सरकारी आदेश की कॉपियों को जलाने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम से एसडीएम को ज्ञापन सौंपा.

Close Button

शासकीय अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन छत्तीसगढ़ के बैनर तले प्रदेश भर में किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन पर संयोजक अनिल शुक्ला ने बताया कि आदेश निकाले जाने के बाद से ही अधिकारी-कर्मचारी विरोध करते हुए पिछले 20 दिनों से काली पट्टी लगाकर अपने काम कर रहे हैं. मांगों और ज्ञापन पर सुनवाई नहीं हुई तो आज पूरे प्रदेश भर में सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं.

उन्होंने मांगों की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ शासन वित् विभाग द्वारा 27 मई 2020 के आदेश में कर्मचारियों के लिए अहितकर कंडिका विलोपित करते हुए वार्षिक वेतनवृद्धि बहाल किया जाए. समस्त अधिकारी-कर्मचारियों का 50 लाख रुपया का बीमा सुनिश्चित किया जाए, साथ ही मेडिकल तथा पैरा मेडिकल स्टाफ़ को प्रोत्साहन स्वरूप जोखिम भत्ता दिया जाए.

इसके अलावा राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को जुलाई 2019 एवं जनवरी 2020 से देयक कुल 9 प्रतिशत महंगाई भत्ते का शीघ्र भुगतान किया जाए. इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी मांगें पूरी नहीं की गई तो आगे महासम्मेलन करते हुए कामकाज का बहिष्कार करेंगे. इसके ज़िम्मेदारी सरकार की होगी.

बलौदाबाजार में भी लगाई आग

छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी संघ ने त्रिसूत्रीय मांग को लेकर बलौदाबाजार के गार्डन चौक में भी प्रदर्शन किया. इस दौरान मौजूद शासकीय कर्मचारियों ने शासन के आदेश की प्रतियां जलाई. इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम नायब तहसीलदार मयंक अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा.

Related Articles

Back to top button
Close
Close
 
धन्यवाद, लल्लूराम डॉट कॉम के साथ सोशल मीडिया में भी जुड़ें। फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो करें एवं हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।