हरियाणा में 6, 7 और 8 अप्रैल को हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। प्रदेश के फतेहाबाद, हिसार, सिरसा और कुरुक्षेत्र जिलों के कई गांवों से फसलों को नुकसान होने की रिपोर्ट सामने आई है। खासतौर पर गेहूं और अन्य खड़ी फसलों पर इस बारिश का असर देखा गया है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में 6, 7 और 8 अप्रैल को हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। प्रदेश के फतेहाबाद, हिसार, सिरसा और कुरुक्षेत्र जिलों के कई गांवों से फसलों को नुकसान होने की रिपोर्ट सामने आई है। खासतौर पर गेहूं और अन्य खड़ी फसलों पर इस बारिश का असर देखा गया है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए मुआवजा प्रक्रिया शुरू कर दी है। फसल नुकसान का आकलन और मुआवजा देने के लिए हिसार, सिरसा और फतेहाबाद जिलों के लिए ऑनलाइन पोर्टल पहले ही खोल दिया गया है, जहां किसान अपनी क्षतिग्रस्त फसल का पंजीकरण करवा सकते हैं। वहीं, कुरुक्षेत्र समेत अन्य प्रभावित जिलों में भी जल्द ही पोर्टल खोलने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक इन तीन जिलों के लगभग 1,350 किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण करवा लिया है। इन किसानों ने कुल 10,088 एकड़ क्षेत्र में फसल नुकसान की जानकारी दर्ज करवाई है। प्रशासन द्वारा इन आवेदनों की जांच कर जल्द ही मुआवजा जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए प्रक्रिया को सरल रखा गया है और समयबद्ध तरीके से राहत राशि प्रदान की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता मिल सके, ताकि वे अगली फसल की तैयारी बिना किसी बाधा के कर सकें।
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