राज्यपाल ने ‘रहबो बने राखबो बने’ और आरोग्य संपदा किताब का किया विमोचन, कहा- कोरोना काल में आरोग्य भारती ने किया सराहनीय कार्य

सुप्रिया पांडेय, रायपुर। आरोग्य भारती द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि मंडल की बैठक रायपुर स्थित निरंजन धर्मशाला में संम्पन्न हुई. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल अनुसुईया उइके ने शिरकत की. राज्यपाल ने ‘रहबो बने राखबो बने’ और आरोग्य संपदा किताब का विमोचन भी किया

कार्यक्रम को लेकर राज्यपाल अनुसुइया उइके ने कहा कि कोरोना काल में आरोग्य भारती के द्वारा बहुत ही सराहनीय कार्य किए हैं, आरोग्य भारती आमजनों को लगातार जागरुक करने का कार्य कर रही है. यदि हम नियम के साथ रहेंगे तो कोई बीमारी हमें छू नहीं सकती, लोग अब शहर से जंगल की ओर जा रहे है क्योंकि वहां नेचुरल वातावरण है. आज भी हमारे देश में ऐसे वैद्य हैं जो केवल नाड़ी देखकर लोगों की बीमारी बता देते हैं और उन्हें दवाई भी देते हैं.

राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राकेश पंडित ने कहा कि आरोग्य भारती लोगों को उनके खान पान और उनकी दिनचर्या को लेकर जागरूक करता है, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी कोरोना के दौर में लोगों को बेहतर तरीके से जागरूक करने का काम किया, लोग योग और प्रणायाम को अपने जीवन में अपनाने लगे है, हमारे आसपास की जड़ी बूटियों से हम खुद को स्वस्थ्य रख सकते है.

आरोग्य भारती छत्तीसगढ़ प्रान्त के अध्यक्ष अनिल कर्नावट ने कहा कि आरोग्य भारती सभी तरह की चिकित्सकिय पद्धतियों के साथ काम करता है, इस अभियान के जरिए हम लोगों को स्वस्थ्य बनाना चाहते है, छत्तीसगढ़ में आरोग्य भारती पिछले 10 वर्षों से कार्यरत है, आरोग्य भारती ने कोरोना काल में लोगों को विभिन्न तरह की स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने में मदद की.

ऑक्सीजन की कमी सुनते ही लोग डर जाते थे, लेकिन आरोग्य भारती द्वारा लोगों के काउंसलिंग किए गए, उन्हे योगा, प्राणायाम और मेडिटेशन से जोड़ा गया. डॉ प्रशांत गुप्ता ने कहा कि कोरोना के बाद से लोगों ने अपने घर पर ही औषधि ढूंढी और जब उनके पास वो औषधि उपलब्ध ना हो, तब वे डॉक्टर के पास गए है, आरोग्य भारती किसी पद्धति का विरोध नहीं करती है बल्कि इसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ्य रखना है.

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