अमृतसर. राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया आज पंजाब के लुधियाना पहुंच रहे हैं। शाम करीब साढ़े 4 बजे वह विवेकानंद केंद्र, ग्रीन एनक्लेव, चूहड़पुर रोड जाएंगे। यहां से वह गौशाला रोड, जमालपुर ड्रेन सिस्टम और बूढ़ा दरिया का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वह गुरुद्वारा गौघाट में मत्था टेकेंगे। रात वह लुधियाना में ही बिताएंगे।
कल, 26 जनवरी के मौके पर, पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के मैदान में सुबह 10 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा और सलामी दी जाएगी। इसके बाद दोपहर 2 बजे वे पंजाब भवन लौट आएंगे। राज्यपाल कटारिया की यात्रा के कारण पुलिस ने शहर में सख्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
कौन हैं गुलाब चंद कटारिया ?
गुलाब चंद कटारिया को बनवारीलाल पुरोहित की जगह पंजाब का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उनका जन्म 13 अक्टूबर 1944 को डेलवाड़ा, राजसमंद (राजस्थान) में हुआ। कटारिया ने एमए, बी.एड, और एलएलबी तक पढ़ाई की। उनकी पांच बेटियां हैं। उच्च शिक्षा के बाद उन्होंने उदयपुर के एक निजी स्कूल में पढ़ाना शुरू किया। कॉलेज के दिनों में ही वे आरएसएस से जुड़ गए।

कटारिया ने जनसंघ के वरिष्ठ नेताओं सुंदर सिंह भंडारी और भानु कुमार शास्त्री के साथ काम करना शुरू किया। वे 1993 से लगातार विधायक रहे हैं। 2003 से 2018 तक उन्होंने उदयपुर विधानसभा सीट से लगातार चार बार जीत हासिल की। 1993 में भी उन्होंने उदयपुर शहर से विधानसभा चुनाव जीता था।
जब उन्हें कभी पैसों की जरूरत पड़ी, तो उन्होंने किसी से मांगने की बजाय काम करना शुरू कर दिया। उनके काम की जानकारी जब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को हुई, तो उन्होंने समझाया कि इससे पार्टी पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। इसके बाद उन्होंने नौकरी करना बंद कर दिया।
- ‘तो आज नहीं देखना पड़ता यह दिन…’, Land for Job Case में लालू परिवार पर आरोप तय होने के बाद गिरिराज सिंह का बड़ा बयान
- गर्ल्स हॉस्टल से लापता हो रही छात्राएं: दो छात्राओं के गायब होने से हिली व्यवस्था, हॉस्टल अधीक्षिकाएं सस्पेंड, विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल
- गणतंत्र दिवस समारोह से पहले आसमान में उड़ने वाले ‘चीलों’ को चिकन परोसेगी दिल्ली सरकार, जानिए पूरा मामला
- Maoists Surrender : 63 माओवादियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता, मुख्यमंत्री साय ने कहा- बंदूक नहीं, संवाद और विकास ही स्थायी समाधान
- धान शॉर्टेज मामले में बड़ी कार्रवाई : संग्रहण केंद्र प्रभारी निलंबित, DMO को कारण बताओ नोटिस जारी, मामले की जांच के लिए समिति गठित

