रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका को पाँच दिन के भीतर दूसरी बार ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। गुरुवार को वे दुर्ग दौरे पर थे। कार्यक्रम समाप्ति के बाद जब वे रायपुर के लिए रवाना हुए, तब टाटीबंध के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण ट्रैफिक जाम की सूचना मिली।

जानकारी के मुताबिक, हाईवे पर राखड़ से लदा एक ट्रक पलट गया था, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया। जब तक दुर्ग पुलिस को हादसे की सूचना मिली, तब तक राज्यपाल का काफिला रायपुर की ओर रवाना हो चुका था। वीवीआईपी मूवमेंट की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

सेफ हाउस में रोका गया राज्यपाल का काफिला

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने रायपुर पुलिस से संपर्क किया, लेकिन राज्यपाल के काफिले के मौके तक पहुंचने से पहले ट्रक हटाना संभव नहीं था। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने सेफ हाउस की रणनीति अपनाई। कुम्हारी के आगे स्थित पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के गेस्ट हाउस को सेफ हाउस बनाया गया। कंट्रोल रूम के निर्देश पर पायलट गाड़ी को फोन कर राज्यपाल के काफिले को सेफ हाउस की ओर मोड़ा गया। इसके बाद राज्यपाल की गाड़ी में सवार एडीसी को भी स्थिति की जानकारी दी गई।

राज्यपाल रमेन डेका करीब 20 मिनट तक गेस्ट हाउस में रुके, इसके बाद ट्रक हटने और ट्रैफिक क्लियर होने की सूचना मिली, जिसके बाद काफिला रवाना हुआ।

डेढ़ घंटे तक जाम से प्रभावित रहा मूवमेंट

इससे पहले 25 जनवरी को भी राज्यपाल को दुर्ग जाना था, लेकिन टाटीबंध क्षेत्र में भारी ट्रैफिक जाम के कारण वे राजभवन से निकल नहीं सके थे। उस दिन भी जाम हटने में करीब डेढ़ घंटे का समय लग गया था, जिसके चलते राज्यपाल को राजभवन में ही इंतजार करना पड़ा।

क्या होता है सेफ हाउस?

राज्यपाल और मुख्यमंत्री जैसे वीवीआईपी के सड़क मार्ग से आवागमन के दौरान हर 20 किलोमीटर की दूरी पर सेफ हाउस चिन्हित किए जाते हैं। किसी भी आपात स्थिति—चाहे सुरक्षा हो या स्वास्थ्य—में वीवीआईपी को तत्काल सेफ हाउस में रुकवाया जा सके। आमतौर पर ये सेफ हाउस सरकारी गेस्ट हाउस या कार्यालय होते हैं।

पाँच दिन में तीसरी बार दुर्ग संभाग का दौरा

राज्यपाल रमेन डेका पिछले पाँच दिनों में तीसरी बार दुर्ग संभाग के दौरे पर थे। इस दौरान उनके दो कार्यक्रम दुर्ग में और एक खैरागढ़ में आयोजित हुआ था। खैरागढ़ जाते समय भी वे दुर्ग मार्ग से ही गुजरे थे।