लुधियाना। लुधियाना के ऐतिहासिक गांव किला रायपुर में चल रहे विश्व प्रसिद्ध पेंड़ू ओलंपिक (ग्रामीण ओलंपिक) 2026 का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। खेल के तीसरे और अंतिम दिन पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान विशेष रूप से शिरकत करने पहुंचे। इस वर्ष का मेला ऐतिहासिक रहा, क्योंकि राज्य सरकार द्वारा कानून में किए गए बदलाव के बाद पूरे 12 साल के लंबे इंतजार के बाद मैदान में बैलों की दौड़ का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री ने न केवल खेलों का आनंद लिया, बल्कि विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पदक देकर सम्मानित भी किया।

समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जब मैं छोटा था, तो शाम 7:30 बजे की खबरों में किला रायपुर की चर्चा सुनता था। आज उसी मिट्टी पर होना गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि वे शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं थे, लेकिन इन खेलों के प्रति प्रेम और बैलों की दौड़ की वापसी के उत्साह ने उन्हें यहां खींच लाया। उन्होंने मैदान में मौजूद एक 20 वर्षीय बैल का जिक्र करते हुए कहा कि किसान अपने पशुओं को बच्चों की तरह पालते हैं और यह परंपरा गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं और मेहनत से जुड़ी है।

पार्टीबाजी छोड़ गांवों में एकता बनाए रखें

मुख्यमंत्री ने खेल के मैदान से राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि गांवों में गुटबाजी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अपील की, वोटिंग के समय आप किसी भी पार्टी का समर्थन करें, लेकिन गांव के विकास के लिए एकजुट रहें। कई गांवों में पार्टियों के नाम पर अलग-अलग टूर्नामेंट कराए जाते हैं, जो गलत है। खेल का मैदान सबका साझा होता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पंजाब सरकार ने हलवारा हवाई अड्डे का नाम महान क्रांतिकारी करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।

स्वास्थ्य और खेल ढांचे पर जोर

सीएम मान ने कहा कि उनकी सरकार ने पंजाब में भ्रष्टाचार की लीकेज को रोककर फंड जुटाया है, जिससे गांवों का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा, “अब पंजाब का कोई भी व्यक्ति इलाज की कमी के कारण दम नहीं तोड़ेगा। हमने इलाज के लिए 10 लाख रुपये तक के कार्ड की सुविधा सुनिश्चित की है।” उन्होंने वादा किया कि पंजाब में अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है और खिलाड़ियों को सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।