पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक इलाके चांदनी चौक में स्थित करीब 160 साल पुराने टाउन हॉल को एक बार फिर संवारने की तैयारी शुरू हो गई है. दिल्ली सरकार और नगर निगम ने मिलकर इसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की नई योजना बनाई है. इसको लेकर हाल ही में दोनों एजेंसियों के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है. अब इस योजना को औपचारिक रूप देने के लिए प्रस्ताव जल्द ही स्थायी समिति की बैठक में लाया जाएगा.
दिल्ली सरकार और नगर निगम के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस परियोजना पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है. अब इस योजना को औपचारिक मंजूरी दिलाने के लिए प्रस्ताव जल्द ही स्थायी समिति की बैठक में पेश किया जाएगा, जहां से लिखित सहमति मिलने के बाद काम आगे बढ़ेगा. प्रस्ताव के तहत टाउन हॉल का पुनर्विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. इमारत के संरक्षण और मरम्मत का काम ,आधुनिक सुविधाओं का विकास ,आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण टाउन हॉल को एक प्रमुख पर्यटन हब में बदलने के लिए 36 महीने (3 साल) की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है. इस दौरान इसे न केवल संरक्षित किया जाएगा, बल्कि इसे सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों के लिए भी विकसित किया जाएगा.
योजना के तहत टाउन हॉल के सुधार और विकास का कार्य निम्न चरणों में किया जाएगा संरक्षण की योजना तैयार करना , मरम्मत और सुंदरीकरण का कार्य , इंटीरियर/फिट-आउट (अंदरूनी विकास) परियोजना को शुरू (ऑपरेशनल) करना नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पहला चरण 1 से 8 महीने के बीच पूरा किया जाएगा इस दौरान इमारत के संरक्षण, डिज़ाइन और तकनीकी योजना तैयार की जाएगी प्रस्ताव के मुताबिक, पूरा प्रोजेक्ट 4 चरणों में 36 महीनों में पूरा किया जाएगा.
पहला चरण (1–8 माह)
संरचना और संरक्षण का आकलन (Assessment), विशेषज्ञों के साथ सलाह-मशविरा, तीन-पक्षीय समझौता (Tripartite Agreement) तैयार करना
दूसरा चरण (9–20 माह)
संरक्षण प्रबंधन योजना को लागू करना, प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय मॉडल (Financial Model) तैयार कर उसे लागू करना
तीसरा चरण (21–30 माह)
टाउन हॉल के अंदर गैलरी तैयार करना, प्रदर्शनी (Exhibitions) विकसित करना, संचालन के लिए स्टाफ की ट्रेनिंग देना
चौथा चरण (33वें माह के आसपास)
सभी कार्य पूरे होने के बाद टाउन हॉल को औपचारिक रूप से शुरू (Operational Launch) किया जाएगा.
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछले महीने दिल्ली सरकार के बजट भाषण में इस टाउन हॉल परिसर के पुनर्विकास और इसे वैश्विक विरासत केंद्र (Global Heritage Centre) के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी. इस परियोजना के तहत टाउन हॉल को सिर्फ एक ऐतिहासिक इमारत के रूप में नहीं, बल्किदिल्ली की कला (Art) संस्कृति (Culture) और खान-पान (Cuisine) को प्रदर्शित करने वाले एक बड़े सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. नगर निगम (MCD) द्वारा स्थायी समिति को भेजे गए प्रस्ताव में बताया गया है कि टाउन हॉल एमसीडी की संपत्ति है यह करीब 160 साल पुरानी ग्रेड-1 संरक्षित इमारत है. यहां 1866 से 2012 तक नगर निगम का मुख्यालय संचालित होता रहा.
इस प्रोजेक्ट के लिए MCD ने Delhi Tourism and Transportation Development Corporation (DTTDC) से संपर्क किया है पूरा विकास और संचालन DTTDC के साथ मिलकर किया जाएगा टाउन हॉल को विकसित करने के बाद यहां कई गतिविधियों से राजस्व उत्पन्न होगा टिकट एंट्री (पर्यटकों के लिए) फूड कोर्ट / कैफे, सांस्कृतिक कार्यक्रम और इवेंट्स , स्पेस किराये पर देना (Exhibitions / Events) इन सभी स्रोतों से होने वाली आय में MCD का भी हिस्सा तय होगा यानी बिना निवेश के निगम को लंबे समय तक नियमित आय मिलती रहेगी यह मॉडल “नो इन्वेस्टमेंट – शेयर इन प्रॉफिट” पर आधारित है, जिसमें सरकार की एजेंसी प्रोजेक्ट विकसित करेगी संचालन से कमाई होगी और MCD को रेवेन्यू शेयर मिलेगा.
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