जहां एक ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीन लैंड पर कब्जा करने की जिद पर अड़े हुए हैं वहीं यूरोप के कई देश इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इसी बीच रूस ने ग्रीनलैंड को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। रूस के विदेश मंत्री लावरोव का कहना है कि ग्रीनलैंड उपनिवेशवाद की विरासत है। रूस को इसमें दखल देने में कोई दिलचस्पी नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ग्रीनलैंड कभी भी नॉर्वे या डेनमार्क का नेचुरल पार्ट नहीं था।

ग्रीनलैंड में कोई दिलचस्पी नहीं

रूस के विदेश मंत्री का यह बयान एक ऐसे नाजुक मोड़ पर आया है जब ट्रंप अपनी जिद पूरी करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। वे लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि रूस की ग्रीनलैंड पर बुरी नजर है। रूस ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहता है। लेकिन रूस के विदेशमंत्री आज सबकुछ साफ कर दिया और ट्रंप के यह बता दिया कि ग्रीनलैंड में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है।

रूस के बयान से ट्रंप का बढ़ा मनोबल

ट्रंप यूरोप के उन देशों पर टैरिफ भी लगाने का ऐलान कर चुके हैं जो ग्रीनलैंड पर उनके प्लान का विरोध कर रहे हैं। ऐसे समय में रूस की ओर से आए इस बयान से ट्रंप के सपनों को बल मिला है। अब वे ग्रीनलैंड पर कब्जे की कोशिश के लिए तेजी से कदम उठा सकते हैं। हालांकि यूरोप के कई देश इसमें बाधा बन रहे हैं लेकिन टैरिफ बम के जरिए ट्रंप इन बैरिकेडस् को हटाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन ट्रंप की राह इतनी आसान भी नहीं हैं। यूरोप के देशों के मुखर होने से नाटो गंठबंधन पर असर पड़ सकता है।

अमेरिका और यूरोप में बढ़ेगी तकरार?

माना जा रहा है कि ग्रीनलैंड को लेकर रूसी विदेश मंत्री का यह बयान अमेरिका और यूरोप के बीच चल रही जुबानी जंग की आग में घी डालने का काम करेगा। इससे अमेरिका और यूरोप के बीच टकराव बढ़ेगा। ट्रंप के लिए अभी भी ग्रीनलैंड की राह बहुत आसान नहीं है। लेकिन अमेरिका ने अपने सैन्य ताकत से वेनेजुएला को पस्त कर दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। एक बड़े तेल भंडार पर अमेरिका नियंत्रण ने ट्रंप का हौसला बढ़ा दिया है। ऐसे में ग्रीनलैंड पर भी कंट्रोल करके अमेरिका पूरी दुनिया में अपनी बादशाहत का लोहा मनवाने की पूरी कोशिश करेगा।

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