अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को NATO चीफ मार्क रुटे से फोन पर बात की है। बातचीत में ग्रीनलैंड के मुद्दे पर स्विट्जरलैंड के दावोस बैठक बुलाने का फैसला लिया गया। हालांकि, उन्होंने बैठक की तारीख नहीं बताई। ट्रम्प ने रुटे को साफ तौर पर बताया कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति ताकत के जरिए ही कायम की जा सकती है और अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक मैप भी शेयर किया, जिसमें कनाडा, ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को अमेरिका का हिस्सा दिखाया गया।

NATO चीफ के प्राइवेट मैसेज सोशल मीडिया पर पोस्ट किए

ट्रम्प ने फोन कॉल के बाद मार्क रुटे का एक प्राइवेट मैसेज सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया। इसमें रुटे ने कहा कि वह ग्रीनलैंड को लेकर आगे का रास्ता निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं और ट्रम्प से जल्द मिलने को एक्साइटेड हैं। ट्रम्प कहा कि इस मुद्दे (ग्रीनलैंड) पर पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है। ट्रम्प ने बताया कि इस मुद्दे पर NATO चीफ मार्क रुटे से उनकी फोन पर बहुत अच्छी बातचीत हुई है। बातचीत के बाद अलग-अलग पक्षों के साथ स्विट्जरलैंड के दावोस में बैठक करने पर सहमति बनी है। ट्रम्प ने अमेरिका को दुनिया का सबसे ताकतवर देश बताया। उन्होंने कहा कि ताकत के जरिए ही दुनिया में शांति कायम की जा सकती है और यह क्षमता सिर्फ अमेरिका के पास है।

ट्रम्प को ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बताते हुए एक तस्वीर भी पोस्ट की।

ट्रम्प ने NATO चीफ का पर्सनल मैसेज शेयर किया

ट्रम्प ने NATO चीफ मार्क रुटे का एक पर्सनल मैसेज सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। इस मैसेज में रूटे ने ट्रम्प से कहा मिस्टर प्रेसिडेंट,आज आपने सीरिया में जो हासिल किया है, वह अविश्वसनीय है। मैं दावोस में अपने मीडिया इंटरव्यू में सीरिया, गाजा और यूक्रेन में आपके काम को सामने रखूंगा।” रुटे ने अपने संदेश में आगे लिखा कि वह ग्रीनलैंड को लेकर आगे का रास्ता निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने ट्रम्प से जल्द मिलने की इच्छा भी जताई। ट्रम्प ने मैसेज के लिए रुटे का धन्यवाद दिया।

अमेरिका ने ग्रीनलैंड में मिलिट्री एयरक्राफ्ट भेजा

ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर डेनमार्क से बढ़ते विवाद के बीच अमेरिका ने नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) का एक सैन्य विमान ग्रीनलैंड भेजा है। यह विमान जल्द ही पिटुफिक स्पेस बेस पहुंचेगा।

NORAD ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यह तैनाती पहले से तय सैन्य गतिविधियों के तहत की जा रही है। कमांड ने साफ किया कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी डेनमार्क और ग्रीनलैंड को दी गई है।

ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी के बीच डेनमार्क ने भी ग्रीनलैंड में अतिरिक्त सैनिक तैनात किए हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को कई विमान डेनमार्क के सैनिकों और सैन्य उपकरणों को लेकर ग्रीनलैंड पहुंचे।

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