भारत में इस वक्त चुनावी माहौल टाइट है. देश के पांच राज्यों में से 3 में मतदान हो चुके है वहीं 2 में अभी बाकी है. ऐसे चुनावों में आपने नेताओं को दल बदलते, बागी होते या निर्दलीय चुनाव लड़ते तो कई बार देखा होगा. लेकिन गुजरात के दाहोद जिले के पंचायत चुनाव में एक ऐसा सियासी ड्रामा देखने को मिल रहा है, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता. अमूमन उम्मीदवार किसी एक पार्टी से चुनाव लड़ता है और नामांकन पत्र भी उसी पार्टी से दाखिल करता है. लेकिन यहां एक ही उम्मीदवार ने अलग-अलग तीन पार्टियों से नामांकन दाखिल किया है जिसे देखकर सभी हैरान हैं.
जी हां, दाहोद जिला पंचायत की पीपेरो (Pipero) सीट पर बिल्कुल ऐसा ही हुआ है. यहां के प्रमुख स्थानीय नेता भरत सिंह वाखला ने एक ही झटके में भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) तीनों के उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल कर पूरी राजनीतिक बिरादरी को हैरत में डाल दिया है.
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, पिपेरो सीट को पारंपरिक तौर पर वरिष्ठ नेता बाचूभाई खाबड़ का गढ़ माना जाता है. वखाला ने पिछले विधानसभा चुनाव में AAP के टिकट पर लड़ा था और BJP को कड़ी चुनौती दी थी. इनका राजनीतिक पार्टियों के प्रति निष्ठा बदलने का पुराना इतिहास रहा है. वो हाल ही में कांग्रेस से AAP में शामिल हुए थे, फिर वे बाद वे बाद में BJP खेमे के सामने ‘समर्पण’ करते हुए दिखे.
कांग्रेस, AAP और बीजेपी से एक ही कैंडिडेट
पिपेरो सीट के लिए फाइल किए गए 11 नॉमिनेशन फॉर्म की जांच से एक अजीब एडमिनिस्ट्रेटिव पहेली सामने आई है, BJP की तरफ से 5 फॉर्म (वखला समेत), कांग्रेस की तरफ से 2 फॉर्म (वखला समेत), AAP की तरफ से 1 फॉर्म (वखला), दूसरे, 2 इंडिपेंडेंट और 1 BRP पार्टी से. यह पहली बार है कि तीनों बड़े पॉलिटिकल संगठनों ने टेक्निकली एक ही व्यक्ति को अपना पोटेंशियल कैंडिडेट बनाया है.
वखाला ने तीनों पार्टियों के लिए फॉर्म जमा कर दिए हैं, लेकिन उनकी उम्मीदवारी की कानूनी वैधता पार्टी के आधिकारिक मैन्डेट पर निर्भर करती है. चुनाव नियमों के अनुसार, किसी उम्मीदवार को पार्टी का आधिकारिक प्रत्याशी तभी माना जाता है, जब पार्टी तय समय सीमा से पहले एक विशेष अधिकार पत्र जारी करे. एक स्थानीय चुनाव अधिकारी ने कहा कि स्थिति 15 तारीख को ही साफ होगी, जो कि नाम वापसी और मैन्डेट जमा करने का आखिरी दिन है. उस समय यह पता चलेगा कि वह किस पार्टी का ‘फॉर्म B’ जमा करते हैं और किन नामांकन पत्रों को वापस लिया जाता है या रद्द कर दिया जाता है.
गुजरात में अभी स्थानीय निकाय चुनाव (Local Body Elections) चल रहे हैं. यहां 26 अप्रैल को वोटिंग होगी और 28 अप्रैल 2026 को नतीजे सामने आएंगे.
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