हाजीपुर/सिद्धार्थ शरद। वैशाली की जिलाधिकारी बर्षा सिंह के सख्त रुख ने सोमवार को जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी। लंबे समय से मिल रही अवैध वसूली और बिचौलियों की सक्रियता की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने अचानक धावा बोला, जिससे कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई।

​अधिकारी दफ्तर छोड़ भागे

​डीएम की इस औचक कार्रवाई ने विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जैसे ही जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में पहुंचीं, वहां मौजूद ADTO और MVI समेत कई कर्मचारी अपनी कुर्सियां छोड़कर भाग निकले। लगभग दो घंटे तक चली इस जांच के दौरान दफ्तर में तैनात कर्मियों की सांसें अटकी रहीं।

​रंगे हाथों पकड़ा गया दलाल

​निरीक्षण के दौरान डीएम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को कार्यालय के भीतर अनाधिकृत रूप से काम करते हुए पकड़ा। जांच करने पर उसके पास से अवैध लेनदेन के पुख्ता सबूत मिले। पकड़े गए दलाल के मोबाइल की जब सदर थाना पुलिस ने तलाशी ली, तो उसमें गोपनीय दस्तावेज, डिजिटल पेमेंट के प्रमाण और दलाली से जुड़े चैट्स बरामद हुए।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की चेतावनी

​डीएम बर्षा सिंह ने स्पष्ट किया कि ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी (RC) के नाम पर जनता को लूटने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही, ड्यूटी से नदारद रहने वाले अधिकारियों और कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए विभाग को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने की कड़ी चेतावनी दी गई है।