देहरादून. पूर्व सीएम हरीश रावत इन दिनों राजनीतिक अवकाश पर हैं. हालांकि वो सोशल मीडिया पूरी तरह से सक्रिय हैं. शनिवार को उन्होंने एक पोस्ट किया है. जिसके जरिए उन्होंने भाजपा नेता पर निशाना साधा है.
रावत ने लिखा है कि ‘बुरा देखन मैं चला-बुरा न मिला कोई!’ यह कहावत आज दिनेश अग्रवाल के श्रीमुख से उज्याडू बल्द शब्द के उच्चारण से मुझे इस कथानक का आभास हुआ. उन्होंने सही कहा कि मैं उज्याडू बल्द हूं. उत्तराखंड में 2012 में जब मंत्रिमंडल के गठन के लिए परामर्श हो रहा था, तो अब मैं महसूस करता हूं कि मैंने वास्तविक अर्थों में उज्याडू बल्द की भूमिका अदा की. हक और परिस्थितियां चीख-चीख कर कह रही थी कि मंत्रिमंडल में मयूख महर, विधायक पिथौरागढ़ सम्मिलित होने चाहिए. ‘
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रावत ने आगे लिखा कि ‘मैंने पार्टी से आग्रह किया कि मयूख मेरी बात मान लेंगे और उनको योजना आयोग का चेयरमैन बनाया जाए और कैबिनेट मिनिस्टर का दर्जा दिया जाए और उनके स्थान पर दिनेश अग्रवाल जी को कैबिनेट मंत्री बनाया जाए. मेरा आग्रह प्रबल था, स्वीकार हुआ और उसका परिणाम 2024 में देखने को मिला, जब दिनेश अग्रवाल को कांग्रेस पार्टी, जिस पार्टी के साथ उनका वर्षों का संबंध रहा था, उसको ठीक लोकसभा के चुनाव के समय में छोड़ना पड़ा. मुझे पता चला कि उनके इस निर्णय में मोथरोवाला का बड़ा योगदान था। न वो मंत्री बनते, न मोथरोवाला होता और न उनको कांग्रेस छोड़नी पड़ती. उधर पिथौरागढ़ में भी मेरे उस निर्णय ने कांग्रेस में कुछ असंतुलन पैदा किया तो मैं, जो उज्याडू बल्द कहा गया है, उस संबोधन को आंशिक रूप से स्वीकार करता हूं.
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