HDFC Bank Shares : HDFC बैंक के शेयरों में हालिया गिरावट के बावजूद, ब्रोकरेज फर्मों का इस स्टॉक पर भरोसा कायम है. बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है. हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि बैंक के कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर कोई बड़ी चिंता नहीं है. मौजूदा स्तरों से शेयरों में अच्छी-खासी बढ़त की काफी गुंजाइश बनी हुई है.

गुरुवार को HDFC बैंक के शेयर ₹800 के स्तर पर बंद हुए, जो 5.1% की गिरावट दर्शाता है. इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान, स्टॉक में 8.7% तक की भारी गिरावट आई, जो पिछले दो सालों में इसकी सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट थी. इस गिरावट की वजह चेयरमैन के इस्तीफे के बाद गवर्नेंस को लेकर उठाए गए सवाल थे.
Buy’ रेटिंग बरकरार; टारगेट प्राइस ऊंचा
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने HDFC बैंक के शेयरों पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है. 1,240 का टारगेट प्राइस तय किया है. इसका मतलब है कि मौजूदा स्तरों से शेयरों में लगभग 55% की संभावित बढ़त हो सकती है. Jefferies का कहना है कि मैनेजमेंट और बोर्ड के साथ बातचीत के बाद यह साफ हो गया है कि भले ही कुछ छोटी-मोटी दिक्कतें हो सकती हैं, लेकिन बैंक का कॉर्पोरेट गवर्नेंस ढांचा मजबूत बना हुआ है और इसमें कोई समझौता नहीं किया गया है.
Jefferies ने इस बात पर भी जोर दिया कि अतानु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में किसी भी तरह की गलत काम से इनकार किया है. इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी साफ किया है कि उसे बैंक के गवर्नेंस को लेकर कोई गंभीर चिंता नहीं है. निवेशकों द्वारा इन संकेतों को सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है.
Motilal Oswal भी बुलिश; 38% तक की बढ़त की उम्मीद
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services ने भी HDFC बैंक के शेयरों पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग दोहराई है, और ₹1,100 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो लगभग 38% की संभावित बढ़त का संकेत देता है. ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक और रेगुलेटर, दोनों ने ही यह साफ किया है कि इस्तीफे से पहले गवर्नेंस, ऑपरेशनल या रेगुलेटरी से जुड़ी कोई समस्या नहीं थी. RBI का यह बयान कि “रिकॉर्ड पर कोई बड़ी चिंता नहीं है,” निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करता है.
ब्रोकरेज के अनुसार, अब निवेशकों का ध्यान एक स्थायी चेयरमैन की नियुक्ति और CEO के उत्तराधिकार की प्रक्रिया पर होगा. मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि इन मुद्दों पर स्पष्टता आने से स्टॉक में विश्वास और मजबूत होगा.
स्टॉक का कमजोर प्रदर्शन
पिछले एक साल में HDFC Bank के स्टॉक में लगभग 9.5% की गिरावट आई है, जबकि इसी दौरान Nifty 50 में केवल 0.8% की गिरावट देखी गई. हालांकि, इसके बावजूद बैंक की पूंजी स्थिति लिक्विडिटी और बिजनेस ग्रोथ मजबूत बनी हुई है.
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