हेमंत शर्मा, इंदौर। भोजशाला मंदिर से जुड़े मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई के दूसरे दिन भी बहस जारी रही। इस दौरान क्रमवार सबसे पहले हिन्दू पक्षकार को सुना जा रहा है। हिन्दू पक्षकार की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने तर्कों के साथ महत्वपूर्ण दस्तावेज और ऐतिहासिक संदर्भ कोर्ट के सामने रखे। 

 हिंदू पक्ष ने दिया अयोध्या राम मंदिर से जुड़े तथ्यों का हवाला 

सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े तथ्यों का हवाला देते हुए बड़ा तर्क रखा। उन्होंने कोर्ट में कहा – “Once a temple, always a temple”, यानी एक बार मंदिर रहा स्थल हमेशा मंदिर ही माना जाएगा। इस तर्क के समर्थन में विभिन्न न्यायिक फैसलों और ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख किया गया। 

मुस्लिम पक्ष ने भोजशाला को बताया वक्फ की संपत्ति 

वहीं मुस्लिम पक्ष ने भोजशाला को वक्फ की संपत्ति बताते हुए अपना दावा पेश किया। इसके जवाब में हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने 2025 के वक्फ कानून का हवाला देते हुए कोर्ट को बताया कि किन-किन परिस्थितियों में कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड के अंतर्गत आ सकती है। हिंदू पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि पुराने इतिहास की किताबों में भोजशाला को राजा भोज के समय संस्कृत पाठशाला बताया गया है, जिसके प्रमाण भी कोर्ट में पेश किए गए। साथ ही यह तर्क भी रखा गया कि धार भोजशाला से जुड़ी सरस्वती माता की मूर्ति लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में संरक्षित है, जो इस स्थान के मंदिर होने का एक महत्वपूर्ण प्रमाण माना जा रहा है। 

8 अप्रैल को फिर होगी सुनवाई 

कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत बहस जारी रही और कई ऐतिहासिक व कानूनी पहलुओं पर चर्चा हुई। वही जैन बंधु को ओर से भी याचिका पर भी क्रम वार सुनवाई की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई बुधवार दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक तय की गई है, जिसमें बहस आगे बढ़ेगी।

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