हेमंत शर्मा, इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों और बड़ी संख्या में बीमार लोगों के मामले पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। इस गंभीर मामले में आज इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जहां कोर्ट ने सरकार, नगर निगम और जिला प्रशासन के रवैये पर तीखी टिप्पणी करते हुए साफ कहा कि सरकार का जवाब असंवेदनशील है और इस घटना से इंदौर शहर की छवि को देशभर में नुकसान पहुंचा है।
सभी याचिकाओं पर आज सुनवाई
भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई मौतों और बीमारियों को लेकर कुल याचिकाएं दायर की गई थी। जिन पर हाईकोर्ट ने एक साथ सुनवाई की। 2 और याचिकाएं दायर हुई हैं।सभी पर आज सुनवाई होगी।
मृतकों की संख्या को लेकर स्टेटस रिपोर्ट पर जताई नाराजगी
3 दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीर बताया और कहा कि स्वच्छता में नंबर वन बताए जाने वाले इंदौर में इस तरह की घटना होना अपने आप में चौंकाने वाला है। हाईकोर्ट ने नगर निगम और जिला प्रशासन की उस स्टेटस रिपोर्ट पर भी नाराजगी जाहिर की, जिसमें मृतकों की संख्या को लेकर जानकारी दी गई थी। कोर्ट ने संबंधित विभागों को फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह की रिपोर्ट से मामले की गंभीरता कम नहीं हो जाती।
आपराधिक जिम्मेदारी या लापरवाही, कोर्ट तय करेगा
कोर्ट ने साफ संकेत दिए कि वह इस मामले को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह भी अहम टिप्पणी की कि इस मामले में यह तय किया जाएगा कि यह क्रिमिनल लायबिलिटी का मामला है या सिविल लायबिलिटी का। यानी, इस घटना में सिर्फ लापरवाही मानी जाएगी या फिर किसी पर आपराधिक जिम्मेदारी भी तय होगी, इसका फैसला कोर्ट करेगा।
मुख्य सचिव को VC के जरिए पेश होने के निर्देश
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि इस मामले में शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए कि हर नागरिक को स्वच्छ पानी और उचित इलाज मिलना चाहिए। कोर्ट ने दो टूक कहा कि लोगों की जान से जुड़ा यह मामला है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भगीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद अब यह मामला सिर्फ स्थानीय प्रशासन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय होने के संकेत साफ नजर आ रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या सिर्फ फटकार लगेगी या फिर इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई भी होगी?
Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें


