तकनीकी त्रुटि की वजह से अभ्यर्थी की रुकी नियुक्ति, उच्च न्यायालय ने एलआईसी को नोटिस जारी कर मांगा जवाब, एक पद रिक्त रखने का दिया आदेश

बिलासपुर। भारतीय जीवन बीमा निगम में सहायक ग्रेड की भर्ती में तकनीकी त्रुटि की वजह से मुख्य परीक्षा पास अभ्यर्थी को नौकरी नहीं दी गई. अभ्यर्थी की याचिका पर उच्च न्यायालय ने एलआईसी, टीसीएस और भर्ती कंपनी को नोटिस जारी करने के साथ याचिकाकर्ता के लिए एक पद सुरक्षित रखने का आदेश दिया है.

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भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा संचालित सहायक ग्रेड की परीक्षा 2019 में ली गई. रायगढ़ निवासी स्वाति चौधरी को प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात मेडिकल टेस्ट व नियुक्त के लिए जनवरी 2020 में बुलवाया गया था. लेकिन मेडिकल टेस्ट और दस्तावेज़ी परीक्षण के दौरान तकनीकी त्रुटि की वजह से बायोमेट्रिक मशीन के द्वारा याचिकाकर्ता की पह्चान को अमान्य कर दिया गया.

याचिकाकर्ता ने अपनी पह्चान को अमान्य किए जाने के बाद अन्य माध्यमों से उसकी पहचान किए जाने का बार-बार अनुरोध किया गया, किन्तु एलआईसी द्वारा भर्ती प्रक्रिया समाप्त होने के कारण बताते हुए उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया गया. याचिकाकर्ता ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री को भी पत्र द्वारा अनुरोध किया गया, लेकिन किसी भी प्रकार की राहत ना पाते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर किया.

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अनूप मज़ूमदार ने न्यायालय को बताया कि विज्ञापन में प्रकाशित शर्तों के अनुसार प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत अभ्यार्थी सहायक ग्रेड की नियुक्ति की पात्र थी, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण नियुक्ति आदेश जारी नहीं करना विधि विपरीत और विज्ञापित शर्तों के अनुरूप नहीं है. तकनीकी गड़बड़ी में कारण किसी भी अभ्यर्थी की नियुक्ति को अन्यथा तरीक़े से रोका नहीं जा सकता.

याचिका के प्रारंभिक सुनवाई के दौरान एकलपीठ गौतम भादुड़ी द्वारा याचिकाकर्ता के तर्कों से सहमत होते हुए एलआईसी, टीसीएस व भर्ती बोर्ड को नोटिस जारी किया गया तथा एक पद रिक्त रखे जाने का आदेश दिया है.

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