हिंदी ग्रंथ अकादमी के कर्मचारियों ने गांधीवादी तरीके से किया विरोध प्रदर्शन, झाड़ू लगाने से पहले उच्च शिक्षा मंत्री का पहुंचा ये मैसेज

सत्यपाल सिंह,रायपुर। हिंदी ग्रंथ अकादमी के कर्मचारियों की शब्र का बांध आज टूट पड़ा, वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन किया. आरटीआई कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला के साथ मिलकर कर्मचारी झाडू-पोछा लगाने लगाने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने उनकी समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया है.

पूरा मामला रायपुर के रविशंकर विश्वविद्यालय का है. यहां हिंदी ग्रंथ अकादमी के कर्मचारियों को पिछले 10 महीने से वेतन नहीं मिला है. इसे लेकर ही कर्मचारियों ने गांधीवादी तरीक़े से विरोध प्रदर्शन किया. उनके इस प्रदर्शन के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला भी साथ में थे.

कर्मचारियों ने बताया कि हमें ने पिछले 10 माह से वेतन नहीं मिला है और तमाम सुविधाएँ भी नहीं मिल रही है. इसके विरोध करते हुए कर्मचारियों ने सिर्फ़ हे राम हे राम हे राम करते हुए विरोध प्रदर्शन किया.

कुणाल शुक्ला ने बताया कि यह दुर्भाग्य की बात है कि विश्वविद्यालय में हिंदी अकादमी जैसे ग्रंथालय के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है. यहाँ की बिजली काट दी गई थी इसके विरुद्ध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए आज यहाँ गांधीवाद तरीक़ा से प्रदर्शन करने पहुँचे थे, लेकिन प्रदर्शन शुरू करने से पहले शिक्षा मंत्री उमेश पटेल और शिक्षा सचिव ने संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया है कि कर्मचारियों का वेतन का भुगतान बहुत ही जल्द किया जाएगा और बाक़ी समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य शासन-प्रशासन से टकराना नहीं है, बल्कि जो समस्या उसका समाधान किया जाए. अब आश्वासन दिया गया है, अगर हमारी माँगें पूरी नहीं की गई, तो आगे उग्र आंदोलन करेंगे. इसकी ज़िम्मेदारी सरकार की होगी.

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