राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रबुद्धजन गोष्ठी और युवा संवाद में डॉ मोहन भागवत ने कहा कि-
हिंदू कोई जाति नहीं, सबका स्वभाव है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत ने हिंदुत्व की व्याख्या करते हुए कहा
हिंदू कोई जाति नहीं, बल्कि यह विभिन्न समाजों की एक जैसी मनोवृत्ति और स्वभाव है। हिंदू नाम इसलिए दिया गया क्योंकि हम सभी पंथों और संप्रदायों को मानते हैं। उनका सम्मान करते हैं। हिंदू, हिंदवी और भारत, ये तीनों एक ही हैं। हिंदू कहने से हम सब एक सूत्र में बंधते हैं। यह केवल एक धर्म नहीं, बल्कि भारत का मूल स्वभाव है। संघ का विचार कोई नया या अलग विचार नहीं है। यह सनातन काल से चला आ रहा है। जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

भाजपा को देखकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समझने की भूल न करें

भाजपा को देखकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समझने की भूल न करें। भाजपा या विश्व हिंदू परिषद या विद्या भारती इन सबके काम का तरीका अलग है। संघ तो सिर्फ समाज सुधार के लिए काम करता है। ऐसे स्वयंसेवक तैयार करता है जो समर्पण के साथ समाज की गुणवत्ता ठीक करने में जुटते हैं।

धर्म का संरक्षण कर देश को परम वैभव पर ले जाएंगे।

दुर्बल व्यक्ति सत्य भी बोले तो उसे कोई नहीं सुनेगा शक्तिशाली की बात सही – गलत का विचार किए बिना सभी सुनते हैं।दुनिया में चिंतन चला है कि भारत से एक नया रास्ता मिलेगा, उन्हें कुछ देने के लिए भारतीय युवाओं को सशक्त बनना होगा।
शरीर, मन और बुद्धि की सबलता आवश्यक है, पर जैसी चाहिए वैसी अभी तक नहीं आई है। जब भारत बड़ा बनता है, विश्व को नया रास्ता दिखाता है। संघ का ध्येय भी यही है, संपूर्ण समाज की संगठित शक्ति के आधार पर धर्म का संरक्षण करते हुए देश को परम वैभव पर लेकर जाएंगे।

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