Holashtak 2026 : शास्त्रों में होलाष्टक के आठ दिनों को अशुभ माना गया है. मान्यता है कि इन आठ दिनों में नवग्रह उग्र स्थिति होते है. अष्टमी से पूर्णिमा तक अलग-अलग दिनों में अलग-अलग ग्रह उग्र होते हैं. वर्तमान ग्रह गोचर की बात करें तो होलाष्टक के 8 दिनों में मिथुन, सिंह, कुंभ, कर्क और मीन राशियों पर उग्र ग्रहों की सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा.

होलाष्टक पहला दिन
ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, होलाष्टक के पहले दिन फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को चंद्रमा उग्र रहता है.
होलाष्टक दूसरा दिन
ज्योतिष मान्यताओं की मानें तो होलाष्टक के दूसरे दिन फाल्गुन शुक्ल नवमी को सूर्य देव उग्र रहते हैं.
होलाष्टक तीसरा दिन
होलाष्टक का तीसरा दिन फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि होती है. ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, तीसरे दिन कर्मफलदाता शनि देव उग्र रहते हैं.
होलाष्टक चौथा दिन
बता दें कि होलाष्टक के चौथे दिन आंवला एकादशी या रंभगरी एकादशी होती है. ज्योतिष मान्यताओं की मानें तो फाल्गुन शुक्ल एकादशी को शुक्र ग्रह उग्र रहते हैं.
होलाष्टक पांचवा दिन
ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, होलाष्टक के पांचवे दिन फाल्गुन शुक्ल द्वादशी को गुरु ग्रह उग्र रहते हैं.
होलाष्टक छठा दिन
होलाष्टक का छठा दिन फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को होता है. बता दें कि इस दिन प्रदोष व्रत रखते हैं. माना जाता है कि इस दिन बुध ग्रह उग्र रहते हैं.
होलाष्टक सातवां दिन
कहते हैं कि होलाष्टक के सातवें दिन फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मंगल ग्रह उग्र होते है.
होलाष्टक आठवां दिन
ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, होलाष्टक के आठवें दिन फाल्गुन पूर्णिमा यानी होलिका दहन को राहु ग्रह उग्र होता है.
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