Holi 2026 : होली का त्योहार नज़दीक है और कई जगह तो इसकी धूम अभी से शुरू हो चुकी है. घरों में पारंपरिक व्यंजन बनाने की तैयारिया चल रही है और ऐसे में अगर आप घर पर कुछ खास बनाना चाहते हैं, तो राजस्थानी कांजी वड़ा एक बेहतरीन विकल्प है.

ये होली में बहुत से घरों में बनाया ही जाता है. इसका स्वाद खट्टा-तीखा और मसालेदार होता है, और यह पाचन के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इसलिए लोग इसे बड़े चाव से भी खाते हैं. तो अगर आप भी इस होली ये रेसिपी try करना चाहते हैं तो आइए जानते हैं कांजी वड़ा रेसिपी.
सामग्री
वड़ा के लिए
धुली मूंग दाल-1 कप
हींग-1/4 छोटा चम्मच
नमक-1/2 छोटा चम्मच
तलने के लिए तेल
कांजी के लिए
पानी -4 कप (उबला और ठंडा किया हुआ)
लाल मिर्च पाउडर-1 छोटा चम्मच
नमक -स्वादानुसार
पीली सरसों -1 बड़ा चम्मच (दरदरी पिसी हुई)
हल्दी-1/4 छोटा चम्मच
विधि
- मूंग दाल को 4–5 घंटे या रातभर भिगो दें. पानी निकालकर दाल को बारीक पीस लें. पेस्ट में नमक और हींग मिलाकर अच्छी तरह फेंटें (फेंटने से वड़े हल्के बनते हैं).
- कढ़ाही में तेल गरम करें और छोटे-छोटे वड़े तल लें. तले हुए वड़ों को गुनगुने पानी में 10–15 मिनट भिगो दें, फिर हल्का दबाकर पानी निकाल लें.
- एक साफ कांच या मिट्टी के बर्तन में पानी लें. इसमें पीसी हुई सरसों, हल्दी, लाल मिर्च और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं. अब इसमें वड़े डाल दें.
- बर्तन को ढककर 2–3 दिनों के लिए धूप में रखें. दिन में एक बार साफ चम्मच से हिलाते रहें. 2–3 दिन बाद कांजी में हल्का खट्टापन आ जाएगा — यही इसका असली स्वाद है.
परोसने का तरीका
ठंडी-ठंडी कांजी वड़ा को कटोरी में निकालें. ऊपर से थोड़ा भुना जीरा पाउडर या काला नमक छिड़क सकते हैं. होली के दिन गुजिया और दही बड़े के साथ परोसें.
सेहत के फायदे
- यह एक फर्मेंटेड ड्रिंक है, जो पाचन में मदद करती है.
- सरसों और मसाले शरीर को गर्म रखते हैं.
- होली जैसे भारी भोजन के साथ इसे लेना फायदेमंद होता है.


