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संदीप सिंह ठाकुर, लोरमी। ईमानदारी की ऐसी मिसाल कम ही देखने को मिलती है. लॉकडाउन में एक ओर जहां खुद के पैसे लेने के लिए भी लोगों को भटकना पढ़ रहा है. तो वहीं दूसरी ओर एटीएम में फंसी हुई रकम को वास्तविक हकदार तक पहुंचाने के लिए जागरूक पिता-पुत्र ने बैंक प्रबंधन को वापस कर दिया.
दरअसल, लोरमी के एसबीआई एटीएम से 23 अप्रैल को दोपहर में रकम निकालने ग्राम सारधा निवासी राजेन्द्र सिंह और उनके पुत्र आलोक सिंह गए थे. इस दौरान मशीन में पहले से फंसा हुआ अचानक किसी अन्य व्यक्ति का दश हजार रुपए निकला, रकम को देखकर अचंभित पिता-पुत्र ने आसपास नजर घुमाई कि शायद कोई हड़बड़ी में भूलकर चला गया हो. लेकिन रकम का हकदार कोई मौजूद ही नहीं था.
जिसकी रकम है, उसकी परेशानी को सोचते हुए पिता – पुत्र ने मानवता व ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए लोरमी के भारतीय स्टेट बैंक शाखा पहुंचकर एटीएम से प्राप्त राशि को जमा करा कर संबंधित तक पहुंचाने का आवेदन दिए. उन्होंने बैंक कर्मचारी को राशि सुपुर्द करते वक्त निवेदन किया कि जल्द ही हकदार व्यक्ति का पता लगाकर रकम उस तक पहुंचा दें. पिता-पुत्र के इस ईमानदारी की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है.