अम्बेडकर अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी एवं इमर्जेंसी मरीजों के लिये बनाये गये स्क्रीनिंग काउंटर, डॉक्टरों की टीम व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण के साथ करेगी आने वाले मरीजों की जांच

रायपुर। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर द्वारा कई प्रकार के प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं। इसी क्रम में अस्पताल के दोनों गेट (अम्बेडकर जी की मूर्ति वाले गेट क्र.1 एवं ओपीडी बिल्डिंग गेट क्र.2) पर डॉक्टरों द्वारा व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण से सुसज्जित होकर चिकित्सालय के विभिन्न विभागों की ओपीडी, आईपीडी एवं इमर्जेंसी में आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इस व्यवस्था की शुरूआत आज से हो गई है। स्क्रीनिंग व्यवस्था के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनित जैन ने बताया कि ओपीडी समय सुबह 8 से दोपहर 1.30 बजे तक गेट क्र. 1 अर्थात् जहां से मरीजों के लिये नया प्रवेश द्वार बनाया गया है, से ओपीडी मरीजों को प्रवेश दिया जाएगा। इस दौरान पूर्व में ओपीडी जाने का पुराना प्रवेश द्वार बंद रहेगा। मरीज सबसे पहले अस्पताल के गेट क्रमांक 1 से अंदर आएंगें जहां पर 12 डॉक्टरों की टीम द्वारा मरीजों की पूरी हिस्ट्री ली जाएगी। यदि कोविड-19 संक्रमण से सम्बन्धित कोई संभावित लक्षण उनमें पाया जाता है तो उन्हें चिकित्सालय में पृथक रूप से संचालित कफ, कोल्ड ओपीडी भेजा जाएगा और यदि मरीज सामान्य है तभी उन्हें इलाज की पर्ची बनाने के लिये रजिस्ट्रेशन काउंटर 100 नम्बर पर भेजा जाएगा। उसके बाद ही वे सम्बन्धित विभाग में जाकर अपना इलाज करायेंगे। फॉलोअप में आने वाले पुराने मरीजों को नयी पर्ची बनवाने की आवश्यकता नहीं होगी। ओपीडी में मरीजों की भीड़ को देखते हुए डॉक्टरों की ड्यूटी निश्चित दूरी एवं संक्रमण के रोकथाम के मानकों को ध्यान में रखते हुए लगाई गई है।

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स्क्रीनिंग काउंटर की आवश्यकता इसलिये

अम्बेडकर अस्पताल के परिसर में पूर्व में संचालित इंडियन कॉफी हॉऊस बिल्डिंग में कफ, कोल्ड ओपीडी का संचालन चौबीस घंटे नियमित रूप से किया जा रहा है। यहां पर कफ, कोल्ड एवं कोविड-19 के संभावित लक्षण वाले तथा बाहर से आने वाले संदिग्ध मरीज अपना इलाज कराते हैं। इसके बावजूद चिकित्सालय आने वाले कई मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें आंख, कान, नाक, स्त्री रोग, त्वचा, सर्जरी एवं हड्डी रोग इत्यादि से सम्बन्धित समस्या होती है। इन विभागों की ओपीडी में जाने वाले कई मरीज ऐसे होते थे जो बिना सर्दी, खांसी, बुखार का इलाज कराये ही सीधे चिकित्सकों से अपनी दूसरी बीमरियों का इलाज करवाते थे। इलाज में लगे चिकित्सक, नर्सिंग स्टॉफ एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ की सुरक्षा के लिये किये गये इस उपाय के जरिये मरीज की हिस्ट्री के आधार पर एवं सावधानी बरतते हुए उन्हें मुख्य समस्या वाले विभागों में भेजा जाएगा।

इमर्जेंसी मरीजों के लिये ओपीडी गेट रहेगा चौबीस घंटे चालू

मरीजों के इतर अनावश्यक लोगों की आवाजाही को कम करने के लिये अम्बेडकर के ओपीडी गेट से केवल इमर्जेंसी मरीजों को ही आने दिया जाएगा। सुबह ओपीडी समय में यह गेट सामान्य लोगों के लिये बंद रहेगा। यहां पर दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक तीन डॉक्टरों की टीम स्क्रीनिंग के लिये बैठेगी। वहीं रात्रि 8 से सुबह 8 बजे तक चार डॉक्टरों की टीम आपात् मरीजों के स्क्रीनिंग के लिये बैठेगी। मरीजों को असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।

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