अमृतसर. चीन में फैल रहे ह्यूमन मेटापनीयोम वायरस (HMPV) के भारत में आने के बाद केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के बाद पंजाब के स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को एडवाइजरी जारी करते हुए एक बैठक की। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि प्रदेश में टेस्टिंग शुरू कर दी गई है ताकि किसी मरीज का समय पर पता लगाया जा सके। पंजाब के सभी अस्पतालों में विशेष वार्ड और बिस्तर तैयार रखे गए हैं। फिलहाल, प्रदेश में HMPV का कोई मामला सामने नहीं आया है।
घबराने की जरूरत नहीं: मंत्री
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस वायरस से डरने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन छोटे बच्चों और बुजुर्ग मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। यह 20 साल पुराना वायरस है और बेहद हल्का है। इससे कोई बड़ा खतरा नहीं है। यह खांसी और जुकाम का कारण बनता है और अन्य फ्लू की तरह संपर्क में आने से फैलता है। जिन लोगों को खांसी या जुकाम है, उनके लिए बेहतर होगा कि वे मास्क पहनें और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
वायरस की जांच के लिए लैब तैयार
लोगों को नियमित रूप से अपने हाथ धोने चाहिए और मुंह व नाक को छूने से बचना चाहिए। अमृतसर में राज्य सरकार की एक लैब तैयार है, जहां इस वायरस की जांच शुरू हो चुकी है।

भारत में पहली बार 2003 में आया था मामला
भारत में पहली बार 2003 में इस वायरस की पुष्टि हुई थी। BJ मेडिकल कॉलेज और NIV पुणे ने सबसे पहले भारतीय बच्चों में HMPV के मामलों की पुष्टि की थी। बाद में कई अध्ययनों में इस वायरस के अन्य मामले भी सामने आए। 2024 में, गोरखपुर में सांस की बीमारी से पीड़ित 100 में से 4% बच्चों में HMPV के लक्षण पाए गए।
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