शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्यप्रदेश में प्राइवेट स्कूल संचालक फीस की जानकारी नहीं दे रहे हैं तो मनमानी स्कूल फीस पर कैसे लगाम लगेगा ? स्कूल संचालकों को फीस की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। डीपीआई के पोर्टल पर फीस, गणवेश, स्टेशनरी व आगामी सत्र के सिलेबस की जानकारी स्कूलों को देनी होती है। 30 मार्च स्कूल संचालकों को जानकारी देने की डेडलाइन है।
जानकारी नहीं देने पर जुर्माने का प्रावधान
बता दें कि मध्यप्रदेश में एमपी बोर्ड मान्यता प्राप्त 34 हजार 846 स्कूल है। 34 हजार 846 में सिर्फ 10 हजार 365 स्कूलों ने पोर्टल पर जानकारी दी है। 24 हजार 481 स्कूलों ने ऑनलाइन पोर्टल पर जानकारी अपलोड नहीं की है। भोपाल में एमपी बोर्ड मान्यता प्राप्त कुल 45 स्कूलों में 16 ने जानकारी दी है, 29 ने अब तक जानकारी नहीं दी है। नया सत्र शुरू होने से पहले फीस की जानकारी अपलोड करना अनिवार्य है। नया सत्र एक अप्रैल से शुरू हो रहा है। सत्र प्रारंभ होने के 90 दिन पूर्व जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध होनी चाहिए। फीस की जानकारी नहीं देने पर जुर्माने का नियम है।
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फीस को लेकर ये है नियम
निजी विद्यालय 10 प्रतिशत ही फीस बढ़ा सकते हैं। 10 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने के लिए जिला स्तरीय समिति से और 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने के लिए राज्य स्तरीय समिति से अनुमति लेनी पड़ती है, लेकिन निजी विद्यालय सीधे फीस बढ़ा देते हैं।
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