नई दिल्ली। 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पिछले 40 वर्षों से कानूनी लड़ाई लड़ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता एच.एस. फुल्का बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली के वरिष्ठ नेता मनजिंदर सिंह सिरसा और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

भाजपा ने हमेशा मेरा साथ दिया

भाजपा में शामिल होने के बाद हरविंदर सिंह फुल्का ने कहा कि मैं 1984 के दंगों के पीड़ितों के लिए चार दशकों से संघर्ष कर रहा हूँ और भाजपा ने शुरू से ही इस लड़ाई में मेरा समर्थन किया है। मैंने कई कानूनी लड़ाइयों में उनके साथ मिलकर काम किया है और भाजपा के लिए बहुत सारा कानूनी कार्य भी किया है।

उन्होंने अपनी पुरानी राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि मैं 2014 से 2017 तक तीन साल के लिए आम आदमी पार्टी में जरूर था, लेकिन वैचारिक रूप से भाजपा के साथ मेरा रिश्ता हमेशा से नजदीकी रहा है।

पंजाब की राजनीति में वापसी

राजनीति में अपनी सक्रियता पर फुल्का ने स्पष्ट किया कि वे पंजाब के हित के लिए दोबारा मुख्यधारा की राजनीति में लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की सेवा के लिए भाजपा से बेहतर कोई दूसरी पार्टी नहीं है।

सफरनामा: आप से भाजपा तक

दंगा पीड़ितों के मसीहा: एच.एस. फुल्का को 1984 के पीड़ितों का पक्ष अदालत में मजबूती से रखने के लिए जाना जाता है। वे 2014 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने लुधियाना सीट से चुनाव लड़ा था, जहाँ उन्हें कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू से हार का सामना करना पड़ा था।
2019 में उन्होंने आम आदमी पार्टी से पूरी तरह नाता तोड़ लिया था।