अमृतांशी जोशी,भोपाल। मप्र की संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर के बलात्कारियों को चौराहे पर फांसी देने और मानव अधिकार आयोग के भाड़ में जाने वाले बयान दिया था. जिस पर एमपी मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है. आयोग ने विभाग के मुख्य सचिव से 15 दिन में जवाब मांगा है. राज्य सरकार के ज़िम्मेदार अधिकारी से ही प्रतिवेदन मांगा गया है. आयोग ने मानव अधिकार आयोग के ऊपर की गई टिप्पणी गलत माना है. इसे आपत्तिजनक और अनुचित बताया है. 15 दिन में बयान पर मुख्य सचिव को आयोग को जवाब सौंपना होगा.

उषा ठाकुर ने दिया था यह बयान

मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री उषा ठाकुर ने रेप के आरोपियों को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए कहा था कि बेटियों के बलात्कारियों को चौराहे पर फांसी दो. उनके शव को लटके रहने दो. उनके शव चील कौवे नोच-नोच कर खाए. मानव अधिकार आयोग भाड़ में जाए. जब सब लोग इस दृश्य को देखेंगे तो फिर दोबारा बेटियों को हाथ लगाने की कोई हिम्मत नहीं कर पाएगा.

बेटियों के बलात्कारियों को चौराहे पर फांसी दो: चील कौवे नोच-नोच कर खाए शव, भाड़ में जाए मानव अधिकार आयोग, मंत्री उषा ठाकुर ने दिया बयान

दरअसल संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर इंदौर के महू में किसी कार्यक्रम में पहुंची थी. जहां उन्होंने दुष्कर्म पीड़ितों के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाने की बात कही. उनके लिए फांसी की मांग की है. उन्होंने कहा कि क्या आप लोग हस्ताक्षर अभियान के लिए तैयार हैं. हर बेटी हर मां उस पत्रक पर नाम पता मोबाइल नंबर  मतदाता क्रमांक लिखकर हस्ताक्षर करेंगी. उसमें यह भी लिख कर हस्ताक्षर करने की मुख्यमंत्री अपराध तो यह समाज में करते हैं और फांसी इन्हें एकांत में हो जाती है.

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इनके दिल दिमाग में जरा भी शक नहीं है. इनको चौराहों पर फांसी दे दो और इनका अंतिम संस्कार मत होने दो, भाड़ में जाए मानव अधिकार आयोग. ऐसे नर पिशाचों का कोई मानव अधिकार नहीं हो सकता है. अपराधी ने अपराध तो समाज के सामने किया और उसे फांसी कहां मिली. जेल में एकांत में जाकर किसी को पता ही नहीं किसी के मन में भय पैदा ही नहीं हुआ कि इसको फांसी कब हो गई. लोगों की भी याददाश्त कमजोर रहती है वह घटना को भूल जाते हैं.

इसलिए मैं यह चाहती हूं कि बेटियों के बलात्कारियों को चौराहे पर फांसी दे दो और उनका अंतिम संस्कार भी नहीं होने देंगे. लटका रहने दो उसे फांसी पर, चील कौवे नोच नोच कर खा जाएं और जब सब लोग इस दृश्य को देखेंगे तो फिर दोबारा बेटियों को हाथ लगाने की कोई हिम्मत नहीं कर पाएगा.

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