दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष और आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता आतिशी को लेकर भाजपा और AAP के बीच विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने पंजाब की एक अदालत द्वारा आतिशी को क्लीनचिट दिए जाने के बाद उस फॉरेंसिक जांच पर सवाल उठाए, जिसके आधार पर अदालत ने वीडियो को फर्जी करार देते हुए सोशल मीडिया से हटाने का आदेश दिया था। AAP ने दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा को जवाब देते हुए कहा कि इस वीडियो की जांच के लिए वॉइस सैंपल की जरूरत नहीं थी, सिर्फ कान चाहिए थे। गौरतलब है कि सिरसा ने सवाल उठाया था कि जब आतिशी का वॉइस सैंपल लिया ही नहीं गया तो जांच कैसे पूरी हो गई।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मनजिंदर सिंह सिरसा को जवाब दिया। भारद्वाज ने कहा कि इस मामले में वॉइस सैंपल की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि किसी ने ‘गुरु’ शब्द का इस्तेमाल ही नहीं किया। उन्होंने कहा, “सिरसा जी कल कह रहे थे कि आतिशी का वॉइस सैंपल लिया ही नहीं गया। लेकिन किसी के वॉइस में ‘गुरु’ शब्द नहीं आ रहा है। इसके लिए वॉइस सैंपल नहीं, सिर्फ कान की जरूरत है। जिसके पास कान होंगे, वह सुन लेगा। सिरसा जी भी अगर ध्यान से सुनेंगे तो उन्हें भी सुनाई दे जाएगा। वह बता क्यों नहीं देते कि वीडियो में कितना समय कौन सा सेकेंड है। ‘गुरु’ शब्द तो उसमें है ही नहीं, कोई कितनी भी कोशिश कर ले, उसमें ‘गुरु’ शब्द डाल ही नहीं पाएगा।”
सौरभ भारद्वाज ने प्रिविलेज कमिटी की ओर से नेता विपक्ष आतिशी को बुलाए जाने को लेकर सवाल उठाया कि यह लेटर मीडिया तक कैसे लीक हुआ। उन्होंने कहा, “विजेंद्र गुप्ता जी समझाएं कि यह मीडिया तक कैसे पहुंचा? अगर यह उनके दफ्तर से लीक हुआ है, तो कार्रवाई करें। और अगर यह सिर्फ मीडिया के लिए किया जा रहा है, तो फिर प्रिविलेज की बात ही नहीं, यह पूरी प्रक्रिया मीडिया के लिए हो रही है।”
मनजिंदर सिंह सिरसा ने क्या कहा था
एक दिन पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली विधानसभा की नेता विपक्ष आतिशी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आतिशी ने गुरुओं का अपमान किया, लेकिन पंजाब पुलिस उनके झूठ और पाप को छिपाने का काम कर रही है। सिरसा ने कहा कि आम आदमी पार्टी का जन्म ही झूठ पर आधारित है और अब आतिशी के झूठ को छिपाने के लिए और बड़ा झूठ बोला जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस ने बिना आडियो सैंपल लिए फॉरेंसिक जांच कर दी, जबकि दिल्ली विधानसभा के पास ऑडियो उपलब्ध था। सिरसा ने सवाल उठाया कि कैसे जांच की जा सकती है जब आतिशी का वॉइस सैंपल नहीं लिया गया, जबकि पंजाब पुलिस ने अपने एक अधिकारी के ऑडियो की जांच इसी आधार पर रोकी थी कि वॉइस सैंपल नहीं मिला।
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