मेलानिन एक पिगमेंट है, जो स्किन, बालों और आंखों को रंग देता है. यह मेलानोसाइट्स सेल्स द्वारा बनता है, जो आपकी त्वचा की बाहरी परत में पाया जाता है. वैसे तो हम सबमें मेलानोसाइट्स की संख्या लगभग एक जैसी होती है. हालांकि, कुछ लोगों में अन्य लोगों की तुलना में मेलानिन ज्यादा हो सकता है. अधिक मात्रा में मेलानिन होने का मतलब है कि स्किन का कलर डार्क होना.

कभी-कभी मेलानिन (Melanin) किसी खास हिस्से में जमा हो सकता है, जिससे स्किन में हाइपरपिग्मेंटेशन हो जाता है. जाहिर है, हममें से कोई नहीं चाहता है कि हमारी स्किन अधिक डार्क या पिगमेंटेड हो. इसके लिए जरूरी है कि हम मेलानिन (Melanin) के स्तर को मैनेज करें. अगर आप भी उन्हीं लोगों में से हैं, जो मेलानिन (Melanin) को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो इसके बारे में यहाँ जानिये विस्तार से.
सन प्रोटेक्शन सबसे जरूरी
धूप मेलानिन बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है. बाहर निकलने से 20–30 मिनट पहले SPF 30 या उससे ज्यादा सनस्क्रीन लगाएं. हर 2–3 घंटे में दोबारा लगाएं. टोपी, सनग्लास और फुल स्लीव्स कपड़े मददगार हैं.
विटामिन C से दोस्ती करें
विटामिन C मेलानिन प्रोडक्शन को बैलेंस करता है. नींबू, संतरा, आंवला, कीवी खाएं. चाहें तो Vitamin C serum (डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह से) इस्तेमाल करें.
स्किन को मॉइश्चराइज रखें
ड्राई स्किन ज्यादा पिग्मेंटेशन को ट्रिगर कर सकती है. अपनी स्किन टाइप के हिसाब से माइल्ड मॉइश्चराइजर लगाएं. एलोवेरा जेल एक अच्छा नेचुरल ऑप्शन है.
हल्का एक्सफोलिएशन
डेड स्किन सेल्स हटाने से स्किन ब्राइट दिखती है. हफ्ते में 1–2 बार से ज्यादा नहीं,बहुत हार्श स्क्रब से बचें (ये उल्टा मेलानिन बढ़ा सकता है).
सही डाइट लें
आप जो खाते हैं, उसका असर स्किन पर दिखता है. एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर फूड जैसे बेरीज़, ग्रीन टी, हल्दी और खूब पानी पिएं.
नींद और स्ट्रेस कंट्रोल
कम नींद और ज्यादा तनाव से हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो पिग्मेंटेशन बढ़ा सकते हैं. रोज 7–8 घंटे की नींद बहुत फर्क डालती है.
केमिकल ट्रीटमेंट से सावधान
बिना डॉक्टर की सलाह के स्किन लाइटनिंग क्रीम या स्टेरॉइड इस्तेमाल न करें. इससे स्किन और ज्यादा डार्क हो सकती है.
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