राजमा-चावल,एक ऐसा फ़ूड कॉम्बिनेशन है जो बहुत से लोगों की पसंदीदा डिश में शामिल है. राजमा सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि पोषण का भी खजाना है. राजमा की एक छोटी सर्विंग भी आपको प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स का शानदार कॉम्बिनेशन देती है, जो इसे शाकाहारियों के लिए बेहतरीन ऑपशंस बनाती है.

राजमा में पाए जाने वाले कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स पाचन को धीमा करते जिससे एनर्जी लंबे समय तक बनी रहती है. लेकिन अक्सर ये देखा जाता है की राजमा खाने के बाद कई लोग पेट फूलने, गैस या भारीपन की शिकायत करते हैं और फिर दोष राजमा को देते हैं. दरअसल, राजमा को पकाने का एक सही तरीका होता है यदि आप उस तरह से उसे पकाएंगे तो आपको गैस नहीं होगी. आइये जाने वो सही तरीका क्या है.
सही तरह से भिगोना सबसे जरूरी
राजमा को कम से कम 8–10 घंटे (या रातभर) पानी में भिगोएँ. भिगोने के बाद वही पानी फेंक दें—उसी पानी में गैस बनाने वाले तत्व होते हैं.
उबालना भी सही ढंग से
राजमा को नए साफ पानी में उबालें, प्रेशर कुकर में 5–6 सीटी या जब तक राजमा पूरी तरह नरम न हो जाए. अधपका राजमा = ज़्यादा गैस और भारीपन.
गैस कम करने वाले मसाले ज़रूर डालें इनमें से 2–3 चीज़ें डालना बहुत मदद करता है,हींग (चुटकी भर),अदरक या अदरक-लहसुन पेस्ट,तेज पत्ता,अजवाइन या जीरा डालें.
बेकिंग सोडा से दूरी बनाएँ
लोग जल्दी गलाने के लिए बेकिंग सोडा डालते हैं, इससे पाचन बिगड़ता है और गैस बढ़ती है.
धीमी आंच पर पकाएँ
राजमा को ग्रेवी में धीरे-धीरे पकने दें,जितना स्लो कुक, उतना आसान पाचन.
मात्रा और साथ में क्या खा रहे हैं
बहुत ज़्यादा राजमा एक बार में न खाएँ, सादा चावल, थोड़ा घी और सलाद के साथ खाना बेस्ट रहता है.


