कई लड़कियां नाक और कान बचपन में ही छिदवा लेती हैं, जबकि कुछ महिलाएं बड़े होने के बाद पियर्सिंग कराती हैं. नाक छिदवाने के बाद हल्का दर्द, सूजन या जलन होना सामान्य है. हालांकि थोड़ी-सी लापरवाही इंफेक्शन का कारण बन सकती है. अगर आप अभी नाक छिदवा रही हैं या हाल ही में पियर्सिंग कराई है, तो कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर दर्द से राहत पा सकती हैं और इंफेक्शन के खतरे को भी कम कर सकती हैं.

नमक वाले गुनगुने पानी से सफाई

नाक छिदवाने के बाद दिन में 1–2 बार गुनगुने पानी में थोड़ा-सा नमक मिलाकर कॉटन की मदद से पियर्सिंग वाली जगह को हल्के हाथ से साफ करें. इससे बैक्टीरिया कम होते हैं और सूजन भी घटती है.

नारियल तेल या सरसों का तेल

शुद्ध नारियल तेल या सरसों का तेल एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है. रात में सोने से पहले एक बूंद तेल साफ उंगली या कॉटन से छिद्र के आसपास लगाएं. इससे दर्द और जलन में राहत मिलती है.

एलोवेरा जेल

ताजा एलोवेरा जेल लगाने से ठंडक मिलती है और त्वचा जल्दी ठीक होती है. दिन में एक बार पतली परत लगाना फायदेमंद होता है.

हल्दी का प्रयोग सावधानी से

हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं. अगर सूजन ज्यादा हो तो हल्दी और पानी का हल्का-सा लेप बनाकर आसपास (सीधे छेद के अंदर नहीं) लगा सकती हैं.

बार-बार छूने से बचें

गंदे हाथों से नाक की पियर्सिंग को बार-बार छूना इंफेक्शन का सबसे बड़ा कारण बन सकता है.जब तक जरूरी न हो, उसे न छेड़ें.

हल्के और अच्छे मटीरियल की नथ

शुरुआत में सोना या मेडिकल-ग्रेड स्टड ही पहनें. भारी या नकली धातु की नथ से एलर्जी और दर्द बढ़ सकता है.

ज्यादा दर्द या पस दिखे तो सावधान

अगर लगातार दर्द, ज्यादा सूजन, लालिमा या पस निकलने लगे तो घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और डॉक्टर से सलाह लें.