सत्या राजपूत, रायपुर। छत्तीसगढ़ में कृषि शिक्षा को नए आयाम देने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) ने एक बड़ा कदम उठाया है। पहली बार विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, शोधार्थी और मेंटोर अध्यापक विदेशों में पढ़ाई और रिसर्च के लिए जाएंगे। ‘सैंडविच प्रोग्राम’ के तहत छात्र उन्नत कृषि तकनीकों, बागवानी और आधुनिक टेक्नोलॉजी की बारीकियां सीखेंगे, जिससे राज्य की कृषि को नई दिशा मिलेगी।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति गिरीश चंदेल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत सैंडविच प्रोग्राम प्रारंभ किया गया है। इस प्रोग्राम को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की पहल से इस साल पहली बार कृषि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी और शोधार्थी विदेशों में अपने मेंटोर के साथ पढ़ाई और रिसर्च के नए आयाम सीखेंगे।
प्रस्ताव को मिली अनुमति
इस वर्ष नवीन मद में विश्वविद्यालय की ओर से राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव को राज्य सरकार ने स्वीकृति दे दी है और अलग से फंड की व्यवस्था की गई है। इस फंड का उपयोग प्रत्येक वर्ष चयनित छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों को उच्च शिक्षा के लिए विदेशों में आधुनिक पढ़ाई में लगाया जाएगा।
मापदंड बनाने के लिए कमेटी गठित

कुलपति गिरीश चंदेल ने बताया कि प्रस्ताव को अनुमति मिलने के बाद चयन प्रक्रिया और मापदंड तैयार करने के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। जैसे ही कमेटी नीति बनाकर प्रस्तुत करेगी, उसके आधार पर चयन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इन देशों में जा सकते हैं विद्यार्थी
आधुनिक समय में खेती का रकबा कम हो रहा है। छत्तीसगढ़ कृषि के क्षेत्र में समृद्ध है, लेकिन आधुनिक टेक्नोलॉजी, आधुनिक तरीका, आधुनिक विधि और शोध सीखने के लिए विद्यार्थी अमेरिका, इंग्लैंड, जापान, चीन, रूस जैसे अन्य देशों में जा सकते हैं।
सैंडविच प्रोग्राम के लिए इन विभागों के विद्यार्थी होंगे योग्य
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में 18 विभाग संचालित हैं। इसमें अध्यापक और विद्यार्थी ही सैंडविच प्रोग्राम में PG और PhD के शोधार्थी के रूप में शामिल हो सकते हैं—
- Agronomy
- Agrometeorology
- Agri-business and Rural Management
- Agricultural Economics
- Agricultural Extension
- Agricultural Forestry
- Agricultural Microbiology
- Agricultural Statistics & Social Science
- Entomology
- Floriculture and Landscape Architecture
- Fruit Science
- Genetics and Plant Breeding
- Plant Molecular Biology & Biotechnology
- Plant Pathology
- Plant Physiology, Agricultural Biochemistry & Medicinal Plants
- Soil Science & Agricultural Chemistry
- Vegetable Science
कृषि अभियांत्रिकी संकाय विभाग
- Swami Vivekanand College of Agricultural Engineering
- BRSM College of Agricultural Engineering & Technology, Mungeli
क्या है सैंडविच प्रोग्राम?
सैंडविच कोर्स एक माह से लेकर दो-तीन साल तक का प्रोग्राम होता है, जिसमें स्नातकोत्तर डिग्री के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय इंटर्नशिप भी शामिल होती है। इसका मतलब यह भी है कि प्लेसमेंट पर काम करने के लिए विश्वविद्यालय छोड़ना पड़ता है। यह एक साल का कोर्स हो सकता है या प्रोग्राम की अवधि में फैली कुछ इंटर्नशिप के साथ सैंडविच डिग्री हो सकती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय देश-विदेश के प्रतिष्ठित कृषि विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर सैंडविच प्रोग्राम संचालित करने की योजना बना रहा है।
“Sandwich Degree” का अर्थ
सैंडविच डिग्री एक ऐसी डिग्री होती है, जो दो अलग-अलग विश्वविद्यालयों, क्षेत्रों या विषयों को मिलाकर बनाई जाती है। यह आमतौर पर एक विश्वविद्यालय या कॉलेज द्वारा प्रदान की जाती है, जहां छात्र दो अलग-अलग विषयों में एक साथ अध्ययन करते हैं या कुछ वर्ष अपने देश में और कुछ वर्ष विदेश में पढ़ाई करते हैं।
उदाहरण के तौर पर, एक छात्र व्यवसाय प्रशासन और कंप्यूटर विज्ञान में संयुक्त डिग्री प्राप्त कर सकता है। इस प्रकार की डिग्री छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में ज्ञान और कौशल प्राप्त करने में मदद करती है और उन्हें अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करती है। हिंदी में “सैंडविच डिग्री” को “संयुक्त डिग्री” या “दोहरी डिग्री” कहा जा सकता है।
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