नई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने अपने कैंपस को आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी रीडेवलपमेंट प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत अगले एक दशक में पूरे परिसर का बड़े स्तर पर कायाकल्प किया जाएगा। संस्थान की इस योजना में शैक्षणिक, शोध और आवासीय ढांचे को पूरी तरह से अपग्रेड करने पर जोर दिया गया है। पुराने भवनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, वहीं नई तकनीकों के अनुरूप अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।
रीडेवलपमेंट प्लान के तहत रिसर्च सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि आईआईटी दिल्ली वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिस्पर्धा को और बेहतर बना सके। इसके अलावा छात्रों और फैकल्टी के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में संस्थान के पूर्व छात्रों (एलुमनाई) की भी अहम भूमिका रहेगी। एलुमनाई के सहयोग से इस योजना को वित्तीय और तकनीकी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
एक अधिकारी के अनुसार, इस योजना के तहत आईआईटी दिल्ली विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी (MoU) करने की दिशा में भी काम कर रहा है। साथ ही, वैश्विक जरूरतों के अनुरूप नए और आधुनिक कोर्स शुरू करने की तैयारी है, ताकि छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और कौशल मिल सके।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना में शैक्षणिक, शोध और आवासीय ढांचे का पुनर्निर्माण किया जाएगा। अत्याधुनिक रिसर्च सुविधाओं के साथ-साथ छात्रों और फैकल्टी के लिए बेहतर रहने और पढ़ने का माहौल तैयार किया जाएगा। संस्थान के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने बताया कि फिलहाल यह योजना प्रारंभिक चरण में है और इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में इस योजना को फाइनल कर लिया जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से पुराने भवन हटेंगे
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली, जो वर्ष 1965 से संचालित हो रहा है, अब अपने कैंपस के व्यापक कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। संस्थान ने चरणबद्ध तरीके से पुराने हो चुके ढांचों को हटाकर उनकी जगह आधुनिक और ऊंची इमारतें बनाने की योजना तैयार की है।
योजना के तहत शुरुआती दौर में बने पुराने हॉस्टलों का पुनर्निर्माण किया जाएगा, ताकि छात्रों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही हौजखास स्थित मुख्य कैंपस के अलावा आरके पुरम में नए आवासीय परिसर विकसित किए जाएंगे। वहीं सोनीपत और झज्जर स्थित कैंपस का भी विस्तार इस योजना का अहम हिस्सा है। संस्थान रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। वर्तमान में आईआईटी दिल्ली में कई सेंटर फॉर एक्सिलेंस संचालित हो रहे हैं और आने वाले समय में इनका दायरा और बढ़ाया जाएगा।
पूर्व छात्रों का योगदान
आईआईटी दिल्ली के महत्वाकांक्षी रीडेवलपमेंट प्लान में संस्थान के पूर्व छात्र (एलुमनी) अहम भूमिका निभाने जा रहे हैं। संस्थान का मानना है कि एलुमनी न सिर्फ आर्थिक सहयोग देंगे, बल्कि रणनीतिक स्तर पर भी इस विजन को मजबूत आधार प्रदान करेंगे। जनवरी में आईआईटी दिल्ली ने पहली बार अपनी एलुमनी इंपैक्ट रिपोर्ट 2026 जारी की थी। इस रिपोर्ट में संस्थान ने स्पष्ट किया था कि उसके पूर्व छात्र वैश्विक स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं और उनके अनुभव व नेटवर्क का लाभ संस्थान के विकास में लिया जा सकता है। संस्थान फिलहाल अपने एलुमनी के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि इस कायाकल्प योजना को सफल बनाने के लिए वित्तीय निवेश, तकनीकी विशेषज्ञता और वैश्विक दृष्टिकोण का सहयोग मिल सके।
आईआईटी दिल्ली के महत्वाकांक्षी रीडेवलपमेंट और 2035 विजन प्लान को उसके मजबूत एलुमनी नेटवर्क से बड़ी ताकत मिलने की उम्मीद है। संस्थान की एलुमनी इंपैक्ट रिपोर्ट 2026 के अनुसार, स्थापना से लेकर 2025 तक आईआईटी दिल्ली के 65,000 से अधिक पूर्व छात्र देश-विदेश में उद्योग, स्टार्टअप, सरकार और वैश्विक संस्थानों में प्रभावशाली पदों पर कार्यरत हैं। आईआईटी दिल्ली का मानना है कि यह विशाल और प्रभावशाली नेटवर्क संस्थान की 2035 योजना के लिए बेहद अहम साबित होगा। खासतौर पर फंडिंग जुटाने, इंडस्ट्री के साथ साझेदारी मजबूत करने और इनोवेशन को बढ़ावा देने में एलुमनी की भूमिका निर्णायक रहेगी।
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