अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। रोहतास जिले के अगरेर थाना क्षेत्र अंतर्गत भगवानपुर गांव में बीते सात वर्ष पूर्व एक 14 वर्षीय किशोर की हुई हत्या मामले में जिला जज चतुर्थ अनिल कुमार की अदालत ने सजा के बिंदुओं पर सुनवाई करते हुए चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने प्रत्येक अभियुक्त पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

चार मार्च 2019 को हुई हत्या

घटना के संदर्भ में बताया जाता है कि मृतक मनु कुमार चार मार्च 2019 की शाम में किसी कार्य से अपने घर से निकला, लेकिन देर रात वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। वहीं अगली सुबह ग्रामीणों ने खेत में एक शव देखा, जिसकी पहचान मनु कुमार के रूप में हुई। मृतक के शरीर पर चाकू से वार के कई निशान मिले थे।

अवैध संबंध में हत्या

पुलिस अनुसंधान में हत्या के पीछे अवैध संबंध का मामला सामने आया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में कुल नौ गवाहों की गवाही कराई गई और पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

एक हीं परिवार के चार सदस्य दोषी

मामले में पीड़ित परिवार के वकील रामाशीष सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में मृतक के पिता अशोक चौधरी के लिखित शिकायत पर अगरेर थाने में एक हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें एडीजे चार की अदालत में आज सुनवाई करते हुए एक हीं परिवार के सुमन देवी उर्फ चमन देवी, दधेश्वर चौधरी, फलचंद चौधरी एवं प्रकाश चौधरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनके ऊपर पांच-पांच हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया गया है।