Bangles Importance For Women : महिला के 16 श्रृंगार भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखते हैं. इसमें 9वे नंबर पर चूड़ी आती है. चूड़ी केवल आभूषण नहीं बल्कि महिला के लिए पति के सौभाग्य, घर की समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी है. भारतीय महिलाओं के जीवन में चूड़ियां केवल आभूषण नहीं हैं, बल्कि पति के सौभाग्य, घर की समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी हैं. वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चूड़ियों का सही चयन और पहनने का तरीका वैवाहिक जीवन को मधुर और घर में सुख-शांति बनाए रखने में मदद करता है.

अक्सर महिलाएं हल्की या टूट-फूट वाली चूड़ियों को पहन लेती हैं, लेकिन यह नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बन सकती हैं. टूटी, दरार वाली या बहुत ढीली चूड़ियां पहनना सौभाग्य और वैवाहिक सुख के लिए हानिकारक माना जाता है, इसलिए चूड़ियों के चयन में सतर्क रहना आवश्यक है. चूड़ियों की स्वच्छता और अखंडता पति के सौभाग्य और घर की खुशहाली से जुड़ी है.
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार टूटी या दरार वाली चूड़ियां नकारात्मक ऊर्जा फैलाती हैं. नई, चमकदार और बिना किसी दोष वाली चूड़ियां पहनें. हल्की चटक गई चूड़ियों से बचें, क्योंकि ये वैवाहिक जीवन में तनाव और अशांति ला सकती हैं.
- लाल रंग प्रेम, शक्ति और जीवन ऊर्जा का प्रतीक है.
- हरा रंग खुशहाली, प्रगति और आर्थिक समृद्धि लाता है.
- नीला या काला रंग शनिवार को पहनने से परहेज करना चाहिए.
चूड़ी खरीदना कब होता है शुभ
अपनी पहनी हुई चूड़ियां कभी किसी और महिला को न दें, यदि देना आवश्यक हो तो नई चूड़ियां ही उपहार में दें. चूड़ियों को बिखेर कर नहीं रखना चाहिए. श्रृंगार सामग्री और चूड़ियां दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में व्यवस्थित रखें. गुरुवार और शुक्रवार को नई चूड़ियां खरीदना शुभ माना जाता है. मंगलवार और शनिवार को अशुभ माना गया है. चूड़ियां न बहुत ढीली हों और न कसी हुई, क्योंकि ये स्वास्थ्य और आत्मविश्वास पर प्रभाव डालती हैं.
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