अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली। चकिया नगर पंचायत चकिया में आवंटित मांस-मछली की दुकान के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अम्बेडकर नगर निवासी इमरान खान और उनके साथी इजहार ने आरोप लगाया है कि विधिवत आवंटन के बावजूद उन्हें निर्धारित स्थान पर दुकान का निर्माण नहीं करने दिया जा रहा है। परेशान होकर दोनों ने उपजिलाधिकारी (SDM) चकिया से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।

नगर पंचायत कार्यालय के काट रहे थे चक्कर

इमरान खान के अनुसार, नगर पंचायत की ओर से उन्हें मांस-मछली की दुकान का आवंटन किया गया था और सभी आवश्यक औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई थीं। लेकिन जब वे निर्माण कार्य शुरू करने पहुंचे तो कुछ लोगों ने आपत्ति जताते हुए काम रुकवा दिया। इसके बाद से वे लगातार नगर पंचायत कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, मगर अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

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रोजगार प्रभावित हो रहा

इमरान का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में नगर पंचायत चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव से कई बार शिकायत की, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। उनका कहना है कि हर बार निर्माण शुरू करने की कोशिश करने पर बाधा उत्पन्न कर दी जाती है, जिससे उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है और वे आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान हैं। इस मामले में इमरान खान और इजहार ने पहले तहसील दिवस में जिलाधिकारी से शिकायत की थी। इसके बाद दोनों ने चकिया उपजिलाधिकारी को लिखित प्रार्थना-पत्र देकर मांग की है कि आवंटन के अनुरूप उन्हें दुकान का निर्माण व संचालन करने दिया जाए तथा बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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शिकायतकर्ता इमरान खान ने कहा कि नगर पंचायत द्वारा दुकान आवंटित होने के बाद भी हमें निर्माण नहीं करने दिया जा रहा है। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दुकान शुरू न होने से हमारा रोजगार प्रभावित हो रहा है। प्रशासन से मांग है कि हमें न्याय दिलाया जाए और निर्माण कार्य शुरू कराने में सहयोग किया जाए।

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हम लोग पूरी प्रक्रिया पूरी करके दुकान बनाने पहुंचे थे, लेकिन कुछ लोगों ने बेवजह आपत्ति कर काम रुकवा दिया। अब हम अधिकारियों से ही उम्मीद लगाए हुए हैं कि हमें हमारे हक के अनुसार दुकान बनाने और चलाने दिया जाए। इस संबंध में नगर पंचायत चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ितों को कब तक राहत मिलती है।