शब्बीर अहमद,भोपाल। मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों के चुनाव को देखते हुए शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. कमलनाथ सरकार के फैसले को बदलाव किया जाएगा. अब महापौर, नगर पालिका और नगर परिषदों में अध्यक्ष सीधे जनता चुनेगी. नगरी निकाय और पंचायत चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे.

नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पुराने नियमों से चुनाव होंगे. महापौर और अध्यक्ष शहर का प्रतिनिधित्व करता है. जनता से निर्वाचित होना चाहिए. जोड़ तोड़ खरीद फरोख्त की गुंजाइश नहीं होती है. निष्पक्षता के साथ जनता को अपना महापौर अध्यक्ष चुनने का अवसर मिलता है. हम अध्यादेश लायेंगे आयुक्त को सूचित कर दिया गया है.

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महापौर और नगरपालिका के सीधे चुनाव कराने के लिए सरकार जल्द अध्यादेश लाएगी. नगरीय निकायों के चुनाव को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है. प्रत्यक्ष प्रणाली से नगरी निकाय और पंचायत चुनाव होंगे. इससे खरीद फरोख्त भी नहीं हो पाएगा.

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बता दें कि पहले मेयर और पार्षद के लिए अलग-अलग वोटिंग होती थी, लेकिन कांग्रेस ने इस व्यवस्था को बदल दिया. विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने इसका खूब विरोध किया, लेकिन तत्कालीन राज्यपाल ने संवैधानिक व्यवस्था का हवाला देते हुए अध्यादेश और फिर विधेयक की अनुमति दे दी थी.

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