इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई की है। इस घटना में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों प्रभावित हुए हैं। सीएम ने अधिकारियों पर गाज गिराते हुए बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं। इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को पद से हटाया गया है। इसके अलावा अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को इंदौर से हटाकर अन्य विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया और उन्हें निलंबित किया गया है। पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को भी निलंबित कर जल वितरण विभाग का प्रभार वापस लिया गया है। 

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इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में पेयजल पाइपलाइन में लीकेज के कारण सीवर का पानी मिलने से दूषित जल की आपूर्ति हुई, जिससे उल्टी-दस्त की गंभीर समस्या फैली। स्थानीय लोगों के अनुसार इस घटना से 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सरकारी आंकड़ों में यह संख्या कम बताई जा रही है।

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सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खुद इसकी जानकारी देते हुए कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के लिए सभी नगर निगमों के महापौरों व आयुक्तों के साथ वर्चुअल बैठक बुलाई गई है। उन्होंने नगर निगम में रिक्त पदों को तत्काल भरने के भी निर्देश दिए हैं। इससे पहले निचले स्तर के कुछ अधिकारियों को भी निलंबित किया जा चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने भी सरकार से जवाब तलब किया है।

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