बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के कोल फील ग्रुप के चेयरमैन प्रवीण झा के ठिकानों पर इनकम टैक्स की टीम ने गुरुवार को दबिश दी थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की बात सामने आने की संभावना है। कोल कारोबारी प्रवीण झा महंगी गाड़ियों के शौकीन माने जाते हैं। उनके काफिले में तीन से चार करोड़ की विदेशी गाड़ी Hummer EV समेत कई महंगी लग्जरी गाड़ियां शामिल है। बताया जाता है कि जेट एयरवेज में भी उनका शेयर है।

बता दें कि दो माह पहले स्टेट जीएसटी ने भी उनके कोल फील ग्रुप में छापा मारा था, जिसमें उन्होंने 11.11 करोड़ रुपए टैक्स सरेंडर किया था। प्रवीण झा मूलतः बिहार के निवासी है। बिलासपुर में बसने के बाद उन्होंने अपना व्यापार बेहद छोटे पैमाने पर शुरू किया। फिर व्यापार बढ़ाते हुए आज सैकड़ों करोड़ रुपये का साम्राज्य खड़ा कर लिया। जानकार बताते हैं कि कोल डिपो, कोल वाशरी, रियल स्टेट के कारोबार के अलावा उनके पास स्टील प्लांट भी है।

बिलासपुर में कोल वाशरी के अलावा रायगढ़ जिले के घरघोड़ा में भी प्रवीण झा का बड़ा कोल डिपो है। व्यापार के अलावा राजनैतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी उनकी पकड़ है। वे भाजपा पार्टी से जुड़े हुए हैं और विधानसभा टिकट की भी मांग कर रहे थे। इसके साथ ही सामाजिक क्षेत्र में निःशुल्क अयोध्या दर्शन योजना चलाकर वे चर्चाओं में आए। उनके द्वारा प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं के जत्थे को अयोध्या दर्शन करवाया जाता है। भोजपुरी कलाकारों को बुलाकर उन्होंने बिलासपुर के खेल परिसर में भी बड़ा आयोजन करवाया था। इसके अलावा छठ घाट पूजा समिति में भी उनकी सक्रिय भागीदारी है।

बड़ा कारोबार होने के अलावा उन पर समय-समय पर टैक्स और व्यापार में गफलत के आरोप लगते रहे हैं। पिछली सरकार में उनके रायगढ़ के धरमजयगढ़ स्थित कोल डिपो में राज्य सरकार की खनिज और राजस्व विभाग की टीम ने जांच की थी। जांच में कई खामियां पाए जाने पर तत्कालीन कलेक्टर ने उनके फर्म पर भारी– भरकम पेनाल्टी लगाई थी।

दो माह पहले पड़ी थी जीएसटी की रेड

दो माह पहले दिसंबर में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की सूचना पर फील कोल ग्रुप पर स्टेट जीएसटी की टीम ने छापा मारा था। विभाग की जानकारी में यह आंकड़ा आया कि जितनी गाड़ियां कोल परिवहन में लगी है, उससे कही कम का टैक्स भरा जा रहा है, जिस पर जीएसटी सचिव मुकेश बंसल और कमिश्नर पुष्पेंद्र मीणा के निर्देश पर गोपनीय तरीके से जांच की जा रही थी और तथ्य जुटाए जा रहे थे। इसके लिए लोकल इंटेलिजेंस इनपुट के अलावा व्यापारिक गतिविधियों पर नजर रखी गई। नियमित खरीदी – बिक्री के भी आंकड़े जुटाए गए। कर चोरी की पुष्टि होने पर वित्त सचिव मुकेश बंसल और जीएसटी आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा के निर्देश पर पूरी प्लानिंग की गई और फिर टीमें तैयार कर विशेष आयुक्त तरन्नुम वर्मा के नेतृत्व में टीमें तैयार कर बिलासपुर में कोल कारोबारी प्रवीण झा के फील कोल ग्रुप ठिकानों पर जीएसटी की विभिन्न टीमों ने दबिश दी थी।

फील कोल ग्रुप ने सरेंडर किए थे 11 करोड़ 11 लाख का टैक्स

टीम ने सभी ठिकानों में मौजूद स्टॉक, खरीदी-बिक्री, वाश कोल, कच्चा कोल, रिजेक्ट व रिफाइंड की जांच की। दफ्तरों में एकाउंट्स डिपार्टमेंट के सिस्टम की भी जांच की। जांच में टीम को कच्चा कोल, वाश कोल, रिजेक्ट व रिफाइंस कोल के इनपुट टैक्स में भारी अंतर मिला। इसके अलावा कोल कारोबारी द्वारा खनिज विभाग के साइट पर दी गई स्टॉक व मौके पर डंप माल में भी भारी अंतर पकड़ा। दिसंबर माह में मारे गए छापे में दो दिनों तक स्टेट जीएसटी की टीम ने जांच की थी, जिसके बाद फील कोल ग्रुप ने 11 करोड़ 11 लाख रुपये का टैक्स सरेंडर किए थे। हालांकि विभाग के अधिकारियों ने तब कहा था कि टैक्स सरेंडर करने से टैक्स चोरी की पुष्टि तो होती है। अब टैक्स चोरी पर वैधानिक कार्यवाही भी की जाएगी पर आगे की कार्यवाही मीडिया में नहीं आ पाई।

जीएसटी रेड के बाद खड़े हुए थे इनकम टैक्स अफसरों के कान

दो माह पहले जीएसटी की रेड के बाद आयकर विभाग के कान खड़े हुए थे। आयकर विभाग ने कोल कारोबारी के सभी फर्मों की रैकी और ठिकानों की जांच के बाद पूरी तैयारी के साथ दबिश दी थी। राम वर्ल्ड स्थित घर श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित मकान और कोल वाशरी के अलावा रायगढ़ के डिपो में भी आयकर की टीम पहुंची थी। सभी जगह पर आयकर विभाग की टीम ने वित्तीय लेनदेन आय और व्यय से संबंधित दस्तावेज खंगाले। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की बात सामने आने की संभावना है।

कोल कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि खदान से उच्च कोटि का फ्रेश कोयला लेकर वाशरी और डिपो में निम्न कोटी का कोयला मिलावट के बाद इसे प्लांटों में सप्लाई किया जाता है। इस खेल से मोटी कमाई की जाती है। सारा लेनदेन कच्चे में किया जाता है। इस तरह से टैक्स चोरी की जाती है। इसके अलावा वैध कारोबार का टर्न ओवर भी कम बताकर टैक्स चोरी की जाती है। बता दे फील ग्रुप का स्टील प्लांट भी है।

फील कोल ग्रुप के चेयरमैन को महंगी गाड़ियों का शौक

फील कोल ग्रुप के चेयरमैन प्रवीण झा को महंगी गाड़ियों का शौक है। उनके गाड़ियों के काफिले में कई लग्जरी गाड़ियां शामिल है। हाल ही में उन्होंने विदेशी हमर ईवी गाड़ी खरीदी है। इसकी कीमत तीन से चार करोड़ रुपये आंकी गई है। विदेश से खरीदी के बाद इसे श्रीलंका ले जाया जाता है। चूंकि विदेशी गाड़ियों में राइट साइड ड्राइविंग सीट होती है और भारत में ऐसी गाड़ियों को परमिशन नहीं है। श्रीलंका ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां गाड़ियों की ड्राइविंग साइट बदली जाती है। श्रीलंका में लेफ्ट साइड से राइट साइड ड्राइविंग सीट करवा के यह गाड़ी भारत लाई गई और प्रवीण झा के काफिले में शुमार हुई।