सुमन शर्मा/ किशनगंज/कटिहार। बिहार के सीमांचल इलाके में शुक्रवार को आयकर विभाग ने एक साथ बड़ी रेड की है। किशनगंज के नामचीन कारोबारी समूह दफ्तरी ग्रुप और कटिहार के बड़े मक्का व्यवसायी के ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमें पहुंचीं। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई में करीब 50 गाड़ियां और 5 दर्जन से अधिक अधिकारी शामिल हैं। रेड किशनगंज के नेमचंद रोड, भगतटोली रोड, धर्मशाला रोड और पश्चिमपाली समेत कई आवासीय और कारोबारी परिसरों में चल रही है। वहीं कटिहार में मक्का कारोबारी के आवास और गोदामों को खंगाला जा रहा है।

भारी सुरक्षा के बीच छापेमारी

सुबह होते ही अचानक इतनी बड़ी संख्या में आयकर विभाग की गाड़ियों और अधिकारियों को देखकर इलाके में हड़कंप मच गया। छापेमारी के दौरान पुलिस बल की भी तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। अधिकारी कंप्यूटर, अकाउंट बुक्स और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान भारी मात्रा में अनएकाउंटेड कैश और लेन-देन से जुड़े सबूत बरामद हो सकते हैं।

कर चोरी और ब्लैक मनी पर शक

सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि दफ्तरी ग्रुप और मक्का व्यवसायी कर चोरी और आय से अधिक संपत्ति के धंधे में शामिल हैं। आशंका है कि करोड़ों रुपये के काले धन को बाजार में खपाने का खेल चल रहा था। कटिहार के मक्का कारोबार पर विशेष निगरानी इसलिए है क्योंकि यहां से बड़े पैमाने पर मक्का की खरीद-बिक्री देश और विदेश तक होती है।

व्यापारियों में खलबली

इस संयुक्त कार्रवाई से सीमांचल के व्यापारिक जगत में भय और खलबली का माहौल है। खासकर मक्का कारोबारियों और अन्य बड़े व्यापारियों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में और भी नामी कारोबारी विभाग के राडार पर आ सकते हैं।

जांच जारी, आगे और खुलासे की उम्मीद

फिलहाल विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डेटा विभाग के कब्जे में हैं। आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर कर चोरी और हवाला नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इस कार्रवाई को चुनाव से पहले सरकार की सख्त आर्थिक मॉनिटरिंग का हिस्सा भी माना जा रहा है।