INDIA Ai: भारत ₹10,370 करोड़ के IndiaAI मिशन के तहत घरेलू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. चीन के DeepSeek मॉडल की तर्ज पर भारत अपना खुद का फाउंडेशनल एआई मॉडल बनाने की तैयारी में है. आइए जानते हैं इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जुड़ी 5 अहम बातें—
INDIA Ai मिशन को मिली 67 बिड्स
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय को भारत के कई संस्थानों और शोधकर्ताओं से 67 प्रस्ताव मिले हैं, जो घरेलू एआई मॉडल विकसित करना चाहते हैं. इनमें से 20 प्रस्ताव विशेष रूप से लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) पर केंद्रित हैं. सरकार ने इन प्रस्तावों की समीक्षा के लिए एक तकनीकी समिति गठित की है, जो अगले एक महीने में अंतिम निर्णय लेगी.

कौन-कौन सी कंपनियां रेस में हैं?
भारत के प्रमुख एआई और टेक्नोलॉजी सेक्टर की कई बड़ी कंपनियां इस रेस में शामिल हैं. इनमें Sarvam AI, CoRover.ai और Ola जैसी कंपनियां प्रमुख हैं. इसके अलावा, चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक विशेष भाषा मॉडल प्रस्तावित किया गया है, जो ब्रेस्ट कैंसर रिसर्च में मदद करेगा. इससे साफ है कि स्टार्टअप्स से लेकर स्थापित कंपनियां तक इस मिशन में योगदान देना चाहती हैं.
सरकार की एआई को लेकर क्या योजना है? (INDIA Ai)
सरकार का लक्ष्य अगले 9-10 महीनों में “वर्ल्ड-क्लास” एआई मॉडल विकसित करना है, जो भारतीय परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिक और विविधताओं से भरपूर हो. आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि एआई को नैतिकता, निष्पक्षता और पूर्वाग्रह-मुक्त बनाए रखने पर ध्यान दिया जाएगा. सरकार उन परियोजनाओं को फंडिंग देगी, जो स्केलेबल और व्यावहारिक होंगी. दिलचस्प बात यह है कि बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) विकसित करने वाले संस्थानों के पास ही रहेंगे, लेकिन सरकार को जनसेवा के लिए इनका स्थायी उपयोग करने का अधिकार मिलेगा.
एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकार की तैयारी
सरकार ने AI विकास को समर्थन देने के लिए Jio Platforms, Tata Communications और Yotta समेत 10 कंपनियों को शामिल किया है, जो 18,693 GPU प्रदान करेंगी. यह संख्या पहले तय किए गए 10,000 GPU के लक्ष्य से कहीं अधिक है. इसके अलावा, सब्सिडी वाले GPU एक्सेस की सुविधा जल्द शुरू होगी, जहां स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को ₹115.85 प्रति घंटे की दर पर GPU एक्सेस मिलेगा. यह कदम भारत की एआई क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने में मदद करेगा.
चीन के DeepSeek मॉडल से मुकाबला (INDIA Ai)
चीन का DeepSeek एआई बाजार में सस्ती और उच्च-स्तरीय सटीकता वाला मॉडल लेकर आया है, जिससे अमेरिकी टेक कंपनियों पर भी असर पड़ा है. इस मॉडल की कुशलता ने Nvidia जैसी कंपनियों के शेयरों को प्रभावित किया है और एआई निर्यात नियंत्रण पर बहस तेज कर दी है. भारत का IndiaAI मिशन इसी संदर्भ में वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास कर रहा है.
अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो IndiaAI मिशन भारत को एआई के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण ग्लोबल प्लेयर बना सकता है. आने वाले कुछ महीने बेहद अहम होंगे, क्योंकि भारत DeepSeek, OpenAI और Google Gemini जैसी कंपनियों को टक्कर देने के लिए अपना खुद का मजबूत एआई मॉडल तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
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